आपातकालीन नागरिक हेल्पलाइन

अनुच्छेद 43 Part IV

कर्मकारों के लिए निर्वाह मजदूरी और शिष्ट जीवन-स्तर

त्वरित सारांश (TL;DR)
कर्मकारों के लिए निर्वाह मजदूरी और सम्मानजनक जीवन: सभी कृषि, औद्योगिक व असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए उचित वेतन (Living Wage), शिष्ट जीवन स्तर और अवकाश सुनिश्चित करने का निर्देश देता है।
अनुच्छेद 43 भारतीय श्रमिकों के अधिकारों का घोषणापत्र है। यह राज्य को निर्देश देता है कि वह खेतीहर, कारखाना या असंगठित क्षेत्र के सभी मजदूरों को काम, 'निर्वाह मजदूरी' (Living Wage), सम्मानजनक जीवन स्तर और उचित अवकाश (छुट्टी) सुनिश्चित करे। 'निर्वाह मजदूरी' का अर्थ केवल पेट भरना नहीं है, बल्कि इसमें परिवार की शिक्षा, इलाज, आवास और भविष्य की सुरक्षा (जैसे न्यूनतम मजदूरी कानून, EPF, ESIC) भी शामिल है।
कानूनी न्यूनतम मजदूरी (Minimum Wage) पाने का हक (इससे कम देना अनुच्छेद 23 के तहत अपराध है)
काम के तय घंटे, साप्ताहिक छुट्टी और ओवरटाइम करने पर दोगुनी दर से भुगतान पाने का कानूनी अधिकार
भविष्य निधि (EPF), राज्य कर्मचारी बीमा (ESIC) और ग्रेच्युटी जैसी सामाजिक सुरक्षा का हक
ग्रामीण कुटीर उद्योगों, हथकरघा और सहकारी समितियों को सरकारी प्रोत्साहन (अनुच्छेद 43 व 43B)
न्यूनतम मजदूरी (Minimum Wage) का भुगतान करना हर नियोक्ता के लिए अनिवार्य है; कोई भी मालिक आर्थिक घाटे का बहाना बनाकर न्यूनतम वेतन से कम नहीं दे सकता।
यह फैक्ट्री मजदूरों, सुरक्षा गार्डों, डिलीवरी कर्मियों और खेतिहर श्रमिकों को बिना ओवरटाइम के 14-16 घंटे खटाए जाने के शोषण से बचाता है।
और गहराई से पढ़ना चाहते हैं? आधिकारिक राजपत्रित मूल पाठ या सुप्रीम कोर्ट निर्णय व संविधान सभा बहस देखें:
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