पोषाहार स्तर और जीवन स्तर को ऊंचा करने तथा लोक स्वास्थ्य का सुधार करने का राज्य का कर्तव्य
त्वरित सारांश (TL;DR)
पोषाहार स्तर, जीवन स्तर और लोक स्वास्थ्य में सुधार: लोगों के पोषण और स्वास्थ्य में सुधार को सरकार का प्राथमिक कर्तव्य घोषित करता है तथा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नशीले पदार्थों पर रोक का निर्देश देता है।
सरल नागरिक भाषा में अर्थ
अनुच्छेद 47 स्पष्ट शब्दों में घोषणा करता है कि जनता के पोषाहार स्तर (Nutrition) और जीवन स्तर को ऊंचा करना तथा लोक स्वास्थ्य (Public Health) का सुधार करना राज्य के 'प्राथमिक कर्तव्यों' में से एक है। साथ ही, यह औषधीय प्रयोजनों से भिन्न स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मादक पेयों और नशीले पदार्थों (Drugs) के सेवन पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश देता है। मिड-डे मील, आंगनवाड़ी पोषण अभियान, सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज और खाद्य सुरक्षा कानून (FSSAI) इसी अनुच्छेद की देन हैं।
प्रमुख संवैधानिक उपबंध एवं बिंदु
सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क इलाज, टीकाकरण और सस्ती जीवनरक्षक दवाएं (जन औषधि) पाने का हक
गर्भवती महिलाओं व शिशुओं के लिए आंगनवाड़ी पोषण और स्कूली बच्चों के लिए मिड-डे मील का अधिकार
मिलावटी खाद्य पदार्थों और नशीले ड्रग्स के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून (FSSAI) व NDPS एक्ट का संरक्षण
अपवाद एवं युक्तियुक्त निर्बंधन (सीमाएं)
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि शराब या नशीले पदार्थों का व्यापार करना अनुच्छेद 19(1)(g) के तहत मौलिक अधिकार नहीं है; राज्य जनस्वास्थ्य के हित में इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगा सकता है।
दैनिक जीवन में यह क्यों महत्वपूर्ण है?
यह सरकार को याद दिलाता है कि सरकारी अस्पताल, बच्चों का पोषण और शुद्ध भोजन कोई दान नहीं, बल्कि सरकार का "प्राथमिक संवैधानिक कर्तव्य" है।
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