आपातकालीन नागरिक हेल्पलाइन

अनुच्छेद 250 Part XI

यदि आपात की उद्घोषणा प्रवर्तन में हो तो राज्य सूची के विषय के संबंध में विधि बनाने की संसद की शक्ति

त्वरित सारांश (TL;DR)
अनुच्छेद 250 (यदि आपात की उद्घोषणा प्रवर्तन में हो तो राज्य सूची के विषय के संबंध में विधि बनाने की संसद की शक्ति): भाग XI के तहत केंद्र और राज्यों के बीच विधायी और प्रशासनिक शक्तियों के संघीय बंटवारे का नियम।
संविधान के भाग XI (संघ और राज्यों के बीच संबंध) का अनुच्छेद 250 'यदि आपात की उद्घोषणा प्रवर्तन में हो तो राज्य सूची के विषय के संबंध में विधि बनाने की संसद की शक्ति' को निर्धारित करता है। यह सातवीं अनुसूची की संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची के अनुसार कानून बनाने की शक्तियों, जीएसटी (अनुच्छेद 246A), केंद्र व राज्य कानूनों में टकराव के समाधान (254), अंतर-राज्यीय नदी जल विवाद (262) और अंतर-राज्य परिषद (263) की संवैधानिक व्यवस्था तय करता है।
संवैधानिक प्रावधान (अनुच्छेद 250): Part XI के अंतर्गत 'यदि आपात की उद्घोषणा प्रवर्तन में हो तो राज्य सूची के विषय के संबंध में विधि बनाने की संसद की शक्ति' के लिए बाध्यकारी कानूनी नियम तय करता है
इसमें 2 खंड (Clauses) के माध्यम से स्पष्ट प्रक्रिया तय की गई है
मनमाने प्रशासनिक आदेशों के बजाय संसद की लोकतांत्रिक प्रक्रिया और जवाबदेही को अनिवार्य बनाता है
एस.आर. बोम्मई बनाम भारत संघ (1994) के अनुसार संघवाद (Federalism) संविधान के मूल ढांचे का हिस्सा है; केंद्र और राज्य एक-दूसरे के संवैधानिक अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण नहीं कर सकते।
यह स्पष्ट करता है कि पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य, जीएसटी या रक्षा जैसे विषयों पर कौन सी सरकार (केंद्र या राज्य) कानून बनाएगी और जनता के प्रति जवाबदेह होगी।
और गहराई से पढ़ना चाहते हैं? आधिकारिक राजपत्रित मूल पाठ या सुप्रीम कोर्ट निर्णय व संविधान सभा बहस देखें:
Copied to clipboard!
EN-IN • STUDIO VOICE
Preparing studio neural voice...