आपातकालीन नागरिक हेल्पलाइन

अनुच्छेद 303 Part XIII

व्यापार और वाणिज्य के संबंध में संघ और राज्यों की विधायी शक्तियों पर निर्बंधन

त्वरित सारांश (TL;DR)
अनुच्छेद 303 (व्यापार और वाणिज्य के संबंध में संघ और राज्यों की विधायी शक्तियों पर निर्बंधन): भाग XIII के तहत पूरे भारत में अंतर-राज्यीय व्यापार, वाणिज्य और वस्तुओं के अबाध आवागमन की स्वतंत्रता।
संविधान के भाग XIII (अनुच्छेद 301-307) का अनुच्छेद 303 'व्यापार और वाणिज्य के संबंध में संघ और राज्यों की विधायी शक्तियों पर निर्बंधन' का उपबंध करता है। यह पूरे देश को एक एकीकृत आर्थिक बाजार बनाता है ताकि एक राज्य से दूसरे राज्य में व्यापार और माल के परिवहन पर कोई राज्य भेदभावपूर्ण रुकावट न लगा सके, सिवाय जनहित में लगाए गए वैध नियमों के।
संवैधानिक प्रावधान (अनुच्छेद 303): Part XIII के अंतर्गत 'व्यापार और वाणिज्य के संबंध में संघ और राज्यों की विधायी शक्तियों पर निर्बंधन' के लिए बाध्यकारी कानूनी नियम तय करता है
इसमें 3 खंड (Clauses) के माध्यम से स्पष्ट प्रक्रिया तय की गई है
मनमाने प्रशासनिक आदेशों के बजाय संसद की लोकतांत्रिक प्रक्रिया और जवाबदेही को अनिवार्य बनाता है
अनुच्छेद 304(b) के तहत अंतर-राज्यीय व्यापार पर जनहित में कोई भी युक्तियुक्त निर्बंधन लगाने वाले राज्य विधेयक के लिए राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति आवश्यक है।
यह किसानों, व्यापारियों और उद्यमियों को पूरे देश में बिना किसी प्रांतीय भेदभाव के अपना सामान बेचने और व्यापार करने की आजादी देता है।
और गहराई से पढ़ना चाहते हैं? आधिकारिक राजपत्रित मूल पाठ या सुप्रीम कोर्ट निर्णय व संविधान सभा बहस देखें:
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