आपातकालीन नागरिक हेल्पलाइन

अनुच्छेद 305 Part XIII

विद्यमान विधियों और राज्य के एकाधिकार का उपबंध करने वाली विधियों की व्यावृत्ति

त्वरित सारांश (TL;DR)
अनुच्छेद 305 (विद्यमान विधियों और राज्य के एकाधिकार का उपबंध करने वाली विधियों की व्यावृत्ति): भाग XIII के तहत पूरे भारत में अंतर-राज्यीय व्यापार, वाणिज्य और वस्तुओं के अबाध आवागमन की स्वतंत्रता।
संविधान के भाग XIII (अनुच्छेद 301-307) का अनुच्छेद 305 'विद्यमान विधियों और राज्य के एकाधिकार का उपबंध करने वाली विधियों की व्यावृत्ति' का उपबंध करता है। यह पूरे देश को एक एकीकृत आर्थिक बाजार बनाता है ताकि एक राज्य से दूसरे राज्य में व्यापार और माल के परिवहन पर कोई राज्य भेदभावपूर्ण रुकावट न लगा सके, सिवाय जनहित में लगाए गए वैध नियमों के।
संवैधानिक प्रावधान (अनुच्छेद 305): Part XIII के अंतर्गत 'विद्यमान विधियों और राज्य के एकाधिकार का उपबंध करने वाली विधियों की व्यावृत्ति' के लिए बाध्यकारी कानूनी नियम तय करता है
यह एक सीधा और स्पष्ट संवैधानिक निर्देश है जिसका पालन करना सभी संबंधित प्राधिकारियों के लिए अनिवार्य है
मनमाने प्रशासनिक आदेशों के बजाय संसद की लोकतांत्रिक प्रक्रिया और जवाबदेही को अनिवार्य बनाता है
अनुच्छेद 304(b) के तहत अंतर-राज्यीय व्यापार पर जनहित में कोई भी युक्तियुक्त निर्बंधन लगाने वाले राज्य विधेयक के लिए राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति आवश्यक है।
यह किसानों, व्यापारियों और उद्यमियों को पूरे देश में बिना किसी प्रांतीय भेदभाव के अपना सामान बेचने और व्यापार करने की आजादी देता है।
और गहराई से पढ़ना चाहते हैं? आधिकारिक राजपत्रित मूल पाठ या सुप्रीम कोर्ट निर्णय व संविधान सभा बहस देखें:
Copied to clipboard!
EN-IN • STUDIO VOICE
Preparing studio neural voice...