राष्ट्रपति के पद में रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचन करने का समय और आकस्मिक रिक्ति को भरने वाले व्यक्ति की पदावधि
त्वरित सारांश (TL;DR)
अनुच्छेद 62 (राष्ट्रपति के पद में रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचन करने का समय और आकस्मिक रिक्ति को भरने वाले व्यक्ति की पदावधि): भाग V के तहत संघीय कार्यपालिका (राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व मंत्रिपरिषद) का संवैधानिक नियम।
सरल नागरिक भाषा में अर्थ
संविधान के भाग V (संघ की कार्यपालिका) का अनुच्छेद 62 'राष्ट्रपति के पद में रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचन करने का समय और आकस्मिक रिक्ति को भरने वाले व्यक्ति की पदावधि' को निर्धारित करता है। यह राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या केंद्रीय मंत्रिपरिषद के निर्वाचन, पदावधि, शपथ, पात्रता या संवैधानिक कर्तव्यों की स्पष्ट प्रक्रिया तय करता है ताकि संघ सरकार संविधान के दायरे में रहकर कार्य करे।
प्रमुख संवैधानिक उपबंध एवं बिंदु
संवैधानिक प्रावधान (अनुच्छेद 62): Part V के अंतर्गत 'राष्ट्रपति के पद में रिक्ति को भरने के लिए निर्वाचन करने का समय और आकस्मिक रिक्ति को भरने वाले व्यक्ति की पदावधि' के लिए बाध्यकारी कानूनी नियम तय करता है
इसमें 2 खंड (Clauses) के माध्यम से स्पष्ट प्रक्रिया तय की गई है
इस अनुच्छेद के तहत संवैधानिक पद की शक्तियों का प्रयोग लोकतांत्रिक सलाह और संवैधानिक मर्यादाओं के भीतर ही होता है
अपवाद एवं युक्तियुक्त निर्बंधन (सीमाएं)
अनुच्छेद 74 और 75(3) के तहत राष्ट्रपति अपने अधिकारों का प्रयोग लोकसभा के प्रति उत्तरदायी मंत्रिपरिषद की सलाह के अनुसार ही करते हैं।
दैनिक जीवन में यह क्यों महत्वपूर्ण है?
यह देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर पारदर्शी चुनाव, जवाबदेही और लोकतांत्रिक निरंतरता सुनिश्चित करता है।
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