विश्व के सबसे विस्तृत लिखित संविधान के 395 अनुच्छेदों, 25 भागों और 12 अनुसूचियों का अध्ययन करें सरल नागरिक भाषा, संविधान सभा के ऐतिहासिक विमर्श और सर्वोच्च अदालत के फैसलों के साथ।
395+
अनुच्छेद (Articles)
25
भाग (Thematic Parts)
12
अनुसूचियां (Schedules)
106
संशोधन (Amendments)
📜 उद्देशिका
“हम, भारत के लोग, भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व-सम्पन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए...”
“हम, भारत के लोग, भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व-सम्पन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय; विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता; प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर, 1949 ईस्वी को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।”
संविधान के भाग X (अनुसूचित और जनजाति क्षेत्र) का अनुच्छेद 244 'अनुसूचित क्षेत्रों और जनजाति क्षेत्रों का प्रशासन (पांचवीं और छठी अनुसूची)' का प्रावधान करता है। यह पांचवीं अनुसूची और छठी अनुसूची (असम, मेघालय, त्रिपुरा व मिजोरम के स्वायत्त जिला परिषद) के माध्यम से आदिवासी समुदायों की जल-जंगल-जमीन, संस्कृति और स्थानीय स्वशासन की रक्षा करता है।
संविधान के भाग X (अनुसूचित और जनजाति क्षेत्र) का अनुच्छेद 244A 'असम के कुछ जनजाति क्षेत्रों को समाविष्ट करने वाला एक स्वशासी राज्य बनाना और उसके लिए स्थानीय विधान-मंडल या मंत्रिपरिषद का सृजन' का प्रावधान करता है। यह पांचवीं अनुसूची और छठी अनुसूची (असम, मेघालय, त्रिपुरा व मिजोरम के स्वायत्त जिला परिषद) के माध्यम से आदिवासी समुदायों की जल-जंगल-जमीन, संस्कृति और स्थानीय स्वशासन की रक्षा करता है।
सार्वजनिक डोमेन (Public Domain) एवं वैधानिक प्रामाणिकता सूचना
भारतीय प्रतिलिप्यधिकार अधिनियम (Copyright Act), 1957 की धारा 52(1)(q) के अंतर्गत भारत का संविधान, संसदीय अधिनियम, राजपत्र अधिसूचनाएं तथा उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों के निर्णय सार्वजनिक डोमेन (Public Domain) में हैं। यह पाठ विधायी विभाग, विधि और न्याय मंत्रालय, भारत सरकार (India Code) के आधिकारिक अभिलेखों पर आधारित है।
Architectural Blueprint
भारतीय संविधान के 5 मूल स्तंभ
भारतीय संविधान एक जीवंत दस्तावेज है। सभी 395 अनुच्छेदों और 25 भागों को शासन एवं नागरिक सुरक्षा के इन 5 स्तंभों में समझा जा सकता है।
स्तंभ 1 • पहचान व राज्यक्षेत्र
संप्रभु गणराज्य, भूभाग व नागरिकता
भारत की संप्रभुता, राज्यों की सीमाओं तथा नागरिकता की कानूनी पहचान तय करता है।