किसी भी आकस्मिक परिस्थिति हेतु इसे प्रिंट कर अपनी जेब/वाहन में रखें या PDF सेव करें।
पुलिस को बाइक या कार की चाबी जबरन निकालने या टायर की हवा निकालने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। केवल सब-इंस्पेक्टर (SI) या उससे ऊपर के अधिकारी ही चालान कर सकते हैं।
रूटीन चेकिंग में पुलिस को आपका फोन अनलॉक कराने या व्हाट्सएप/गैलरी चेक करने का कोई अधिकार नहीं है। इसके लिए न्यायिक वारंट अनिवार्य है।
सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले किसी भी महिला को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता, जब तक कि मजिस्ट्रेट से विशेष लिखित अनुमति न हो। केवल महिला पुलिसकर्मी ही गिरफ्तार कर सकती हैं।
थाने का क्षेत्राधिकार न होने का बहाना बनाकर पुलिस एफआईआर दर्ज करने से मना नहीं कर सकती। उन्हें तुरंत जीरो एफआईआर दर्ज करनी होगी।
डिजिलॉकर व mParivahan पर उपलब्ध दस्तावेज मूल कार्ड के बराबर मान्य हैं। केवल फिजिकल कार्ड न होने पर चालान नहीं काटा जा सकता।
सामान्य अभियुक्तों या विचाराधीन कैदियों को हथकड़ी लगाना असंवैधानिक है। इसके लिए मजिस्ट्रेट की विशेष अनुमति अनिवार्य है।
गिरफ्तारी के तुरंत बाद पुलिस को 8 से 12 घंटे के भीतर आपके परिवार या दोस्त को सूचित करना अनिवार्य है, तथा वकील से बात करने की अनुमति देनी होगी।
प्रत्येक सरकारी व निजी अस्पताल दुर्घटना पीड़ितों का तुरंत बिना पुलिस औपचारिकता या पैसे के प्राथमिक इलाज करने हेतु बाध्य है।
यदि कोई व्यक्ति निजी वकील का खर्च नहीं उठा सकता, तो संविधान के अनुच्छेद 39A के तहत राज्य उसे मुफ्त सरकारी वकील उपलब्ध कराएगा।
मकान मालिक मनमाने ढंग से बिजली-पानी नहीं काट सकते और न ही जबरन ताला लगा सकते हैं। इसके लिए नियमानुसार कानूनी नोटिस व कोर्ट आदेश जरूरी है।