क्या कार की खिड़कियों पर काली फिल्म (टिन्टेड ग्लास) लगवाना वैध है?
नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने किसी भी प्रकार की काली चिपकाई जाने वाली फिल्म पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है।
- • केवल कार कंपनी द्वारा निर्मित 70%/50% विजिबिलिटी वाला ग्लास ही मान्य है।
- काली फिल्म न लगवाएं और पकड़े जाने पर शांतिपूर्वक चालान भरें।
क्या सड़क दुर्घटना में घायल की मदद करने पर पुलिस आपको परेशान कर सकती है?
बिल्कुल नहीं! गुड सेमेरिटन कानून के तहत घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले को पुलिस पूछताछ और अस्पताल खर्च से पूरी छूट प्राप्त है।
- • अस्पताल मदद करने वाले व्यक्ति से पैसे या फॉर्म भरने की मांग नहीं कर सकता।
- घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाएं और डॉक्टरों को गुड सेमेरिटन कानून का हवाला दें।
क्या प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) एक्सपायर होने पर पुलिस तुरंत गाड़ी जब्त कर सकती है?
नहीं। पीयूसी न होने पर चालान कट सकता है, लेकिन केवल इस कारण से गाड़ी जब्त करने का कोई अधिकार नहीं है।
- • जुर्माना लग सकता है, लेकिन पुलिस गाड़ी सीज नहीं कर सकती।
- कहें: 'सर, मैं तुरंत नजदीकी सेंटर जाकर नया पीयूसी बनवा रहा हूँ।'
क्या टोल प्लाजा पर 100 मीटर की पीली लाइन से लंबी लाइन होने पर टोल फ्री होता है?
एनएचएआई का नियम: यदि टोल पर 100 मीटर (पीली लाइन) से लंबी कतार हो या 3 मिनट से ज्यादा समय लगे, तो वाहन बिना टोल दिए जा सकता है।
- • प्रत्येक टोल लेन पर 100 मीटर की पीली लाइन का निशान होना अनिवार्य है।
- टोल कर्मी को 100 मीटर के नियम की याद दिलाएं।
ट्रैफिक विवाद या दुर्घटना: क्या कार का डैशकैम वीडियो कोर्ट और पुलिस में मान्य कानूनी सबूत है?
हाँ! भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के तहत कार के डैशकैम और फोन से रिकॉर्ड किया गया वीडियो कोर्ट और पुलिस जांच में वैध साक्ष्य माना जाता है, जिससे झूठे चालान या केस से बचा जा सकता है।
- • 1. डैशकैम से रिकॉर्ड किया गया वीडियो कोर्ट और मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MACT) में कानूनी रूप से मान्य है।
- • 2. ट्रैफिक पुलिस ऐसे वीडियो को खारिज नहीं कर सकती जो साबित करता हो कि आपने सिग्नल नहीं तोड़ा।
- • 3. गलत ई-चालान को रद्द कराने के लिए ट्रैफिक वर्चुअल कोर्ट में डैशकैम फुटेज प्रस्तुत किया जा सकता है।
- 1. डैशकैम के मेमोरी कार्ड से फुटेज तुरंत लैपटॉप या फोन में सुरक्षित बैकअप लें।
- 2. गलत चालान आने पर echallan.parivahan.gov.in पर जाकर "Grievance" में शिकायत दर्ज करें।
- 3. समय और तारीख युक्त वीडियो क्लिप अपलोड करें।
- 4. वर्चुअल कोर्ट में सुनवाई के दौरान साक्ष्य अधिनियम की धारा 63 के प्रमाण पत्र के साथ वीडियो पेश करें।
टोल प्लाजा पर फास्टैग स्कैनर खराब: क्या टोल ऑपरेटर आपसे दोगुना नकद पैसा मांग सकता है?
नहीं! केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के गजट नियम के अनुसार, यदि आपके फास्टैग में पर्याप्त बैलेंस है लेकिन टोल का स्कैनर खराब है, तो आपको बिना कोई पैसा दिए मुफ्त में निकलने का कानूनी अधिकार है।
- • 1. मंत्रालय की अधिसूचना GSR 427(E) के अनुसार टोल का स्कैनर खराब होने पर वाहन चालक को मुफ्त निकासी दी जाएगी।
- • 2. यदि आपके फास्टैग में बैलेंस है, तो टोल कर्मचारी आपसे दोगुना नकद नहीं मांग सकते।
- • 3. दोगुना नकद केवल तभी देय होता है जब फास्टैग ब्लैकलिस्टेड हो या उसमें बैलेंस न हो।
- 1. अपने फोन में फास्टैग ऐप खोलकर बैलेंस और एक्टिव स्थिति दिखाएं।
- 2. शांत रहकर कहें: "सड़क परिवहन मंत्रालय के गजट नियम के तहत स्कैनर खराब होने पर टोल मुफ्त होता है।\"
- 3. टोल कर्मचारी जबरदस्ती करे, तो तुरंत एनएचएआई हेल्पलाइन 1033 पर कॉल करें।
- 4. लेन नंबर और टोल बूथ का नाम नोट कर शिकायत दर्ज कराएं।
कम स्पीड वाले इलेक्ट्रिक स्कूटर (<25 किमी/घंटा): क्या ड्राइविंग लाइसेंस, नंबर प्लेट या आरटीओ रजिस्ट्रेशन जरूरी है?
नहीं! केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के अनुसार, 25 किमी/घंटा से कम गति और 250 वाट से कम मोटर वाले ई-स्कूटर को साइकिल की श्रेणी में रखा गया है। इसके लिए ड्राइविंग लाइसेंस, आरटीओ पंजीकरण और रोड टैक्स की आवश्यकता नहीं है।
- • 1. 250 वॉट से कम क्षमता और 25 किमी/घंटे से कम रफ्तार वाले दोपहिया वाहन मोटर वाहन अधिनियम के दायरे से बाहर हैं।
- • 2. ट्रैफिक पुलिस ऐसे ई-स्कूटर चालकों से ड्राइविंग लाइसेंस या आरसी की मांग नहीं कर सकती।
- • 3. सुरक्षा के लिए हेलमेट पहनना अच्छा है, लेकिन मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान नहीं काटा जा सकता।
- 1. गाड़ी की डिक्की में निर्माता कंपनी का ARAI/ICAT छूट प्रमाण पत्र हमेशा रखें।
- 2. रोके जाने पर शालीनता से कहें: "सर, यह 25 किमी/घंटा से कम रफ्तार वाला ई-स्कूटर है (CMVR नियम 2(u)), इसके लिए लाइसेंस या आरसी अनिवार्य नहीं है।\"
- 3. निर्माता का प्रमाण पत्र दिखाएं।
- 4. जब्ती की धमकी मिलने पर ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर या वरिष्ठ अधिकारी से बात कराने का अनुरोध करें।
दूसरे राज्य में शिफ्ट हुए: बिना नया नंबर लिए अपनी कार या बाइक कितने महीने तक कानूनी रूप से चला सकते हैं?
12 महीने तक! मोटर वाहन अधिनियम की धारा 47 के तहत, आप किसी भी अन्य राज्य में अपनी कार या बाइक बिना नंबर बदले 12 महीने (1 वर्ष) तक कानूनी रूप से चला सकते हैं।
- • 1. धारा 47 स्पष्ट रूप से दूसरे राज्य के वाहन को 12 महीने तक चलाने की वैधानिक छूट देती है।
- • 2. ट्रैफिक पुलिस 12 महीने की अवधि के भीतर केवल दूसरे राज्य का नंबर होने के आधार पर चालान नहीं काट सकती।
- • 3. स्थानीय आरटीओ में नया नंबर और टैक्स केवल 1 वर्ष से अधिक लगातार रहने पर ही लागू होता है।
- 1. राज्य में प्रवेश की तारीख का प्रमाण (फास्टैग टोल रसीद, पेट्रोल पर्ची या पैकर्स बिल) पास रखें।
- 2. रोके जाने पर कहें: "सर, मोटर वाहन अधिनियम की धारा 47 के अनुसार 12 महीने तक गाड़ी चलाने की कानूनी छूट है। यह मेरी टोल रसीद है।\"
- 3. एमपरिवहन ऐप पर प्रदूषण, बीमा और आरसी सक्रिय रखें।
- 4. यदि 1 साल से ज्यादा रहना हो, तो मूल आरटीओ से एनओसी लेकर नए राज्य में रजिस्ट्रेशन कराएं।