क्या ट्रैफिक पुलिस डिजिलॉकर या mParivahan दस्तावेजों को मानने से मना कर सकती है?
नहीं! डिजिलॉकर या mParivahan पर उपलब्ध ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी कानूनी रूप से मूल दस्तावेजों के समान 100% मान्य हैं।
- • सड़क परिवहन मंत्रालय के आदेशानुसार डिजिलॉकर के दस्तावेज पूरी तरह वैध हैं।
- • पुलिस केवल फिजिकल कार्ड न होने के आधार पर चालान या जब्ती नहीं कर सकती।
- डिजिलॉकर ऐप खोलकर क्यूआर कोड और सत्यापित लाइसेंस दिखाएं।
- नियम 139 CMVR का हवाला दें।
क्या सादे कपड़ों (बिना वर्दी) में पुलिसकर्मी गाड़ी रोककर चालान काट सकते हैं?
नहीं। सड़क पर चेकिंग और चालान केवल वर्दीधारी पुलिसकर्मी ही कर सकते हैं जिनकी नेमप्लेट स्पष्ट दिख रही हो।
- • डी.के. बसु फैसले के तहत ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मियों का नेमप्लेट लगाना अनिवार्य है।
- कहें: 'सर, कृपया अपना आधिकारिक पुलिस पहचान पत्र दिखाइए। बिना वर्दी के मैं दस्तावेज नहीं दे सकता।'
क्या सड़क दुर्घटना में घायल की मदद करने पर पुलिस आपको परेशान कर सकती है?
बिल्कुल नहीं! गुड सेमेरिटन कानून के तहत घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले को पुलिस पूछताछ और अस्पताल खर्च से पूरी छूट प्राप्त है।
- • अस्पताल मदद करने वाले व्यक्ति से पैसे या फॉर्म भरने की मांग नहीं कर सकता।
- घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाएं और डॉक्टरों को गुड सेमेरिटन कानून का हवाला दें।
ट्रैफिक विवाद या दुर्घटना: क्या कार का डैशकैम वीडियो कोर्ट और पुलिस में मान्य कानूनी सबूत है?
हाँ! भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के तहत कार के डैशकैम और फोन से रिकॉर्ड किया गया वीडियो कोर्ट और पुलिस जांच में वैध साक्ष्य माना जाता है, जिससे झूठे चालान या केस से बचा जा सकता है।
- • 1. डैशकैम से रिकॉर्ड किया गया वीडियो कोर्ट और मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MACT) में कानूनी रूप से मान्य है।
- • 2. ट्रैफिक पुलिस ऐसे वीडियो को खारिज नहीं कर सकती जो साबित करता हो कि आपने सिग्नल नहीं तोड़ा।
- • 3. गलत ई-चालान को रद्द कराने के लिए ट्रैफिक वर्चुअल कोर्ट में डैशकैम फुटेज प्रस्तुत किया जा सकता है।
- 1. डैशकैम के मेमोरी कार्ड से फुटेज तुरंत लैपटॉप या फोन में सुरक्षित बैकअप लें।
- 2. गलत चालान आने पर echallan.parivahan.gov.in पर जाकर "Grievance" में शिकायत दर्ज करें।
- 3. समय और तारीख युक्त वीडियो क्लिप अपलोड करें।
- 4. वर्चुअल कोर्ट में सुनवाई के दौरान साक्ष्य अधिनियम की धारा 63 के प्रमाण पत्र के साथ वीडियो पेश करें।
जेब्रा क्रॉसिंग पर पैदल यात्रियों के अधिकार: क्या वाहन चालकों का रुकना अनिवार्य है?
हाँ! मोटर वाहन (ड्राइविंग) विनियम 2017 के नियम 11 के अनुसार, जेब्रा क्रॉसिंग पर पहला अधिकार पैदल चलने वालों का है। पैदल यात्री को रास्ता न देने वाले चालकों पर खतरनाक ड्राइविंग के तहत ₹1,000 तक चालान काटा जा सकता है।
- • 1. बिना ट्रैफिक लाइट वाली जेब्रा क्रॉसिंग पर गाड़ी की रफ्तार धीमी करना और पैदल यात्री को रास्ता देना अनिवार्य है।
- • 2. जेब्रा क्रॉसिंग पर रुकी हुई किसी अन्य गाड़ी को ओवरटेक करना कानूनन अपराध है।
- • 3. रेड लाइट पर गाड़ी को जेब्रा क्रॉसिंग के ऊपर खड़ा करना चालान का कारण बनता है।
- 1. पैदल यात्री: वाहन के रुकने पर ही सड़क पार करें, अचानक तेज दौड़कर सड़क पर न आएं।
- 2. चालक: लाल बत्ती पर हमेशा सफेद स्टॉप लाइन से पहले ही वाहन पूरी तरह रोकें।
- 3. जेब्रा क्रॉसिंग पर गाड़ी न रोकने वाले खतरनाक चालकों की तस्वीर खींचकर ट्रैफिक पुलिस ऐप पर शिकायत करें।
- 4. धारा 184 (खतरनाक ड्राइविंग) के तहत चालान करने की मांग करें।