क्या पुलिस किसी महिला को सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले गिरफ्तार कर सकती है?
नहीं! असाधारण परिस्थितियों को छोड़कर बिना न्यायिक मजिस्ट्रेट की पूर्व लिखित अनुमति के शाम 6 से सुबह 6 के बीच गिरफ्तारी गैरकानूनी है।
- • कानून के अनुसार किसी भी महिला को शाम (सूर्यास्त) के बाद और सुबह (सूर्योदय) से पहले गिरफ्तार नहीं किया जा सकता।
- • अत्यंत असाधारण मामलों में भी महिला पुलिसकर्मी का होना और न्यायिक मजिस्ट्रेट की लिखित अनुमति अनिवार्य है।
- • पुरुष पुलिसकर्मी महिला को हाथ नहीं लगा सकता।
- पुलिस को CrPC धारा 46(4) / BNSS 43(5) का हवाला दें।
- न्यायिक मजिस्ट्रेट का लिखित आदेश दिखाने की मांग करें।
- महिला पुलिसकर्मी और अपने वकील की उपस्थिति पर जोर दें।
- तुरंत 112 या महिला हेल्पलाइन 1091 पर कॉल करें।
क्या पुलिस किसी महिला, 15 साल से कम के बच्चे या बुजुर्ग को पूछताछ के लिए थाने बुला सकती है?
नहीं! कानूनन महिलाओं, 15 वर्ष से कम के बच्चों या 65 वर्ष से अधिक के बुजुर्गों को थाने बुलाने की मनाही है। पूछताछ उनके घर पर ही होगी।
- • धारा 160 CrPC के अनुसार किसी भी महिला या 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चे को थाने आने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
- • पूछताछ केवल उनके घर पर ही की जा सकती है।
- स्पष्ट कहें: "धारा 160 के अनुसार महिलाओं को थाने नहीं बुलाया जा सकता। आप मेरे घर आकर बयान दर्ज करें।
- 1091 या अपने वकील से संपर्क करें।
क्या पति या ससुराल वाले किसी महिला को ससुराल के घर से जबरन निकाल सकते हैं?
नहीं! घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत हर महिला को अपने साझा वैवाहिक घर में रहने का पूर्ण कानूनी अधिकार है।
- • घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत महिला को घर से बेदखल नहीं किया जा सकता, चाहे मकान किसी के भी नाम पर हो।
- • मजिस्ट्रेट तुरंत सुरक्षा आदेश और भरण-पोषण का आदेश दे सकते हैं।
- महिला हेल्पलाइन 1091 या 181 पर कॉल करें और मजिस्ट्रेट के समक्ष सुरक्षा अर्जी लगाएं।
क्या पैतृक संपत्ति में बेटियों को बेटों के बराबर समान कानूनी अधिकार प्राप्त है?
हाँ। सुप्रीम कोर्ट ने विनीता शर्मा केस में स्पष्ट किया है कि बेटियों को जन्म से ही पैतृक संपत्ति में बेटों के बराबर अधिकार प्राप्त है।
- • पिता के 2005 से पहले दिवंगत होने पर भी बेटी का पैतृक संपत्ति पर समान हक बना रहता है।
- राजस्व रिकॉर्ड निकालें और हक न मिलने पर दीवानी अदालत में बंटवारे (Partition Suit) का मुकदमा दाखिल करें।
क्या हर कंपनी में महिला सुरक्षा के लिए आंतरिक शिकायत समिति (ICC) होना अनिवार्य है?
हाँ। 10 या अधिक कर्मचारियों वाले प्रत्येक संस्थान में वरिष्ठ महिला की अध्यक्षता में आंतरिक शिकायत समिति (ICC) होना कानूनी रूप से अनिवार्य है।
- • समिति में कम से कम 50% महिला सदस्य और एक बाहरी सामाजिक संस्था का सदस्य होना अनिवार्य है।
- घटना के 3 महीने के भीतर समिति को लिखित शिकायत दें। 90 दिनों में जांच पूरी होना अनिवार्य है।
क्या बालिग महिला बिना पति की अनुमति के 24 सप्ताह तक गर्भपात (Abortion) करा सकती है?
हाँ। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार प्रजनन का अधिकार केवल महिला का है; कानूनी सीमा (24 सप्ताह) में गर्भपात के लिए पति या ससुराल वालों की सहमति की आवश्यकता नहीं है।
- • यह अधिकार विवाहित और अविवाहित सभी महिलाओं को समान रूप से प्राप्त है।
- सरकारी या मान्यता प्राप्त अस्पताल में डॉक्टर से परामर्श लें, केवल आपकी सहमति पर्याप्त है।
क्या अलग रह रही या तलाकशुदा महिला 60 दिनों में अंतरिम गुजारा भत्ता (Maintenance) पा सकती है?
हाँ। धारा 125 (BNSS 144) के तहत पति से गुजारा भत्ता पाना पत्नी और बच्चों का कानूनी अधिकार है और 60 दिनों में अंतरिम फैसला होना अनिवार्य है।
- • पति को अपनी संपत्ति और आय का पूरा हलफनामा कोर्ट में जमा करना होता है।
- • गुजारा भत्ता न देने पर पति की संपत्ति कुर्क की जा सकती है या जेल भेजा जा सकता है।
- फैमिली कोर्ट में धारा 125 के तहत भरण-पोषण की अर्जी लगाएं।