क्या गिरफ्तारी के समय अरेस्ट मेमो पर किसी परिजन या स्थानीय गवाह के हस्ताक्षर जरूरी हैं?
अनिवार्य है। धारा 41B के तहत अरेस्ट मेमो पर परिवार के कम से कम एक सदस्य या इलाके के प्रतिष्ठित व्यक्ति के हस्ताक्षर होना कानूनी रूप से जरूरी है।
- • अरेस्ट मेमो में गिरफ्तारी का सही समय, तारीख व स्थान लिखा होना चाहिए।
- कहें: 'सर, धारा 41B के तहत कृपया अरेस्ट मेमो बनाइए और गवाह के हस्ताक्षर करवाइए।'
क्या पुलिस हिरासत के दौरान हर 48 घंटे में डॉक्टर से मेडिकल जांच कराना अनिवार्य है?
हाँ, अनिवार्य है। धारा 54 के तहत गिरफ्तारी के समय और हिरासत के दौरान हर 48 घंटे में सरकारी डॉक्टर से मेडिकल जांच कराना पुलिस का कानूनी कर्तव्य है।
- • मेडिकल रिपोर्ट से यह साबित होता है कि पुलिस ने हिरासत में मारपीट की है या नहीं।
- डॉक्टर को सभी चोटें दिखाएं और एमएलसी (MLC) में दर्ज करवाएं।
बैंक खाते से हुए अनधिकृत फ्रॉड या ऑनलाइन ठगी के लिए आपकी क्या देनदारी है?
शून्य देनदारी! यदि आप 3 कार्यदिवसों के भीतर बैंक को अनधिकृत फ्रॉड की सूचना देते हैं, तो आरबीआई नियमों के अनुसार आपकी देनदारी शून्य होगी।
- • 3 दिन में शिकायत करने पर पूरा पैसा सुरक्षित रहता है और बैंक को 10 दिनों में रिफंड देना होता है।
- तुरंत कार्ड ब्लॉक करें और 1930 हेल्पलाइन पर फोन करें।
क्या ऑनलाइन लोन ऐप आपके फोन कॉन्टैक्ट्स हैक करके परिजनों को मॉर्फ्ड फोटो भेज सकते हैं?
संगीन अपराध है। आरबीआई ने लोन ऐप्स द्वारा फोन कॉन्टैक्ट्स या गैलरी एक्सेस करने पर पूर्ण रोक लगा रखी है।
- • लोन ऐप्स को फोन कॉन्टैक्ट या फोटो गैलरी मांगने का कोई हक नहीं है।
- डरकर पैसे न दें। cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें और 1930 पर कॉल करें।
यदि कोई निजी तस्वीरें लीक करने की धमकी दे या सेक्सटॉर्शन करे तो क्या कानूनी अधिकार हैं?
सख्त सजा वाला अपराध। बिना सहमति निजी तस्वीरें साझा करना या धमकी देना गैर-जमानती अपराध है जिसमें 3 साल तक की जेल हो सकती है।
- • आईटी रूल्स के तहत सोशल मीडिया कंपनियों को सूचना मिलने के 24 घंटे के भीतर आपत्तिजनक फोटो हटानी होती है।
- सबूत न मिटाएं, स्क्रीनशॉट लें और cybercrime.gov.in पर तुरंत रिपोर्ट दर्ज करें।
क्या व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन किसी अन्य सदस्य द्वारा भेजे गए आपत्तिजनक मैसेज के लिए जेल जा सकता है?
नहीं। विभिन्न हाईकोर्ट्स (बॉम्बे, दिल्ली, केरल) ने साफ किया है कि ग्रुप एडमिन के पास सदस्यों के मैसेज पहले से रोकने की शक्ति नहीं होती, इसलिए उसे दोषी नहीं माना जा सकता।
- • एडमिन केवल तभी दोषी होगा जब उसने खुद वह आपत्तिजनक मैसेज लिखा या बढ़ावा दिया हो।
- विवादित मैसेज वाले सदस्य को तुरंत रिमूव करें और हाईकोर्ट में धारा 482 में अर्जी दें।
क्या पैतृक संपत्ति में बेटियों को बेटों के बराबर समान कानूनी अधिकार प्राप्त है?
हाँ। सुप्रीम कोर्ट ने विनीता शर्मा केस में स्पष्ट किया है कि बेटियों को जन्म से ही पैतृक संपत्ति में बेटों के बराबर अधिकार प्राप्त है।
- • पिता के 2005 से पहले दिवंगत होने पर भी बेटी का पैतृक संपत्ति पर समान हक बना रहता है।
- राजस्व रिकॉर्ड निकालें और हक न मिलने पर दीवानी अदालत में बंटवारे (Partition Suit) का मुकदमा दाखिल करें।