क्या मरीज को अस्पताल से अपनी पूरी केस शीट और मेडिकल रिकॉर्ड पाने का हक है?
हाँ। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के नियमों के तहत अस्पताल को मरीज या उसके परिजनों के मांगने पर 72 घंटे में पूरे रिकॉर्ड देना अनिवार्य है।
- • अस्पताल को डॉक्टर के नोट्स, टेस्ट रिपोर्ट और दवाइयों का पूरा ब्योरा देना होता है।
- अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड विभाग (MRD) में लिखित आवेदन देकर रिसीविंग लें।
क्या ब्लड बैंक इमरजेंसी में डोनर न लाने पर खून देने से मना कर सकता है?
नहीं। राष्ट्रीय रक्त आधान परिषद (NBTC) के नियमों के अनुसार आपातकालीन स्थिति में ब्लड बैंक रिप्लेसमेंट डोनर लाने की शर्त नहीं थोप सकते।
- • इमरजेंसी में मरीज की जान बचाना प्राथमिकता है, डोनर की शर्त लगाना गलत है।
- डॉक्टर की अर्जेंट पर्ची दिखाएं और एनबीटीसी (NBTC) गाइडलाइंस का हवाला दें।
क्या कोई रेस्तरां बिल में जबरन 10% सर्विस चार्ज जोड़ सकता है?
नहीं। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) के अनुसार सर्विस चार्ज पूरी तरह स्वैच्छिक है। इसे बिल में जबरन जोड़ना गैरकानूनी है।
- • होटल खुद से बिल में सर्विस चार्ज नहीं जोड़ सकते।
- मैनेजर से कहें कि बिल से सर्विस चार्ज हटाएं। न मानने पर 1915 पर उपभोक्ता हेल्पलाइन में शिकायत करें।
क्या दुकानदार ठंडे पानी या कोल्ड ड्रिंक पर एमआरपी (MRP) से ₹5-₹10 ज्यादा वसूल सकता है?
बिल्कुल नहीं! अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) में सभी टैक्स और ठंडा करने का खर्च शामिल होता है। ₹1 भी ज्यादा लेना कानूनी अपराध है।
- • एमआरपी से अधिक बेचने पर ₹25,000 तक का भारी जुर्माना लग सकता है।
- बोतल पर छपी एमआरपी देखें और रसीद मांगकर 1915 पर शिकायत करें।
क्या लोन रिकवरी एजेंट देर रात फोन कर सकते हैं या परिजनों को धमकी दे सकते हैं?
सख्ती से मना है। आरबीआई नियमों के तहत रिकवरी एजेंट सुबह 8 से पहले और शाम 7 के बाद फोन नहीं कर सकते। परिजनों को धमकी देना गंभीर अपराध है।
- • एजेंट पड़ोसियों या कार्यस्थल पर जाकर बदनाम नहीं कर सकते।
- धमकी भरी कॉल रिकॉर्ड करें और आरबीआई के बैंकिंग लोकपाल (Ombudsman) के पास शिकायत दर्ज कराएं।
यदि एटीएम से पैसे न निकलें लेकिन खाते से कट जाएं, तो बैंक को कितना हर्जाना देना होगा?
₹100 प्रतिदिन! आरबीआई के अनुसार यदि 5 दिनों में कटा हुआ पैसा वापस नहीं आता, तो बैंक को ग्राहक को ₹100 प्रतिदिन की दर से जुर्माना भरना होगा।
- • यह नियम सभी बैंकों के एटीएम (On-us और Off-us), माइक्रो-एटीएम और पीओएस कैश मशीनों पर होने वाले विफल लेनदेन पर लागू होता है।
- • 5 दिन (T+5) पूरे होने के बाद बिना किसी अलग दावे के मुआवजे की राशि स्वतः ग्राहक के खाते में जमा की जानी चाहिए।
- एरर कोड वाली एटीएम ट्रांजैक्शन पर्ची या एसएमएस संभाल कर रखें और एटीएम मशीन आईडी (Machine ID) नोट करें।
- अपनी बैंक शाखा या नेट बैंकिंग/मोबाइल ऐप के माध्यम से आधिकारिक शिकायत (Dispute Ticket) दर्ज करें और रेफरेंस नंबर लें।
- यदि 5 दिनों (T+5) के भीतर पैसा वापस न आए, तो आरबीआई सीएमएस पोर्टल (cms.rbi.org.in) या हेल्पलाइन 14448 पर ₹100/दिन के वैधानिक मुआवजे का दावा करें।
क्या मॉल या शोरूम अपने लोगो (Logo) वाले कैरी बैग के लिए ₹10-₹20 अलग से वसूल सकते हैं?
गैरकानूनी! उपभोक्ता अदालतों ने फैसला दिया है कि अपने ब्रांड के विज्ञापन वाले कैरी बैग के लिए ग्राहकों से पैसे वसूलना सेवा में कमी और अनुचित व्यापार है।
- • दुकानदार को या तो मुफ्त सादा बैग देना होगा या ग्राहक को अपना थैला लाने की अनुमति देनी होगी।
- बिल में बैग का चार्ज जोड़ने पर आपत्ति जताएं और कंज्यूमर फोरम में शिकायत करें।
क्या कंपनी नोटिस पीरियड पूरा होने के बाद भी आपका रिलीविंग लेटर या अनुभव प्रमाण पत्र रोक सकती है?
नहीं। नोटिस पूरा होने पर अनुभव प्रमाण पत्र रोकना आजीविका के अधिकार (अनुच्छेद 21) और रोजगार की स्वतंत्रता का सीधा उल्लंघन है।
- • हाईकोर्ट ने माना है कि अनुभव प्रमाण पत्र कर्मचारी का वैधानिक अधिकार है।
- एचआर को लिखित ईमेल भेजें और न मिलने पर लेबर कमिश्नर या वकील के जरिए लीगल नोटिस भिजवाएं।