आपातकालीन नागरिक हेल्पलाइन

नागरिक विधिक सुरक्षा कवच • वास्तविक विधिक अधिकार

वास्तविक परिस्थितियों में आपके क्या कानूनी अधिकार हैं?

ट्रैफिक चेकिंग, फोन चेकिंग, गिरफ्तारी, महिला सुरक्षा, अस्पताल और उपभोक्ता विवाद — जानिए कानून क्या कहता है और शांत रहकर अपने अधिकार कैसे सुरक्षित रखें।

सभी परिस्थितियां

दिखाए जा रहे हैं 49–56 कुल 121 अधिकार
📄 नागरिक पॉकेट विधिक सुरक्षा कार्ड (प्रिंट / ऑफलाइन सेव) बाइक की चाबी, फोन चेकिंग, महिला अधिकार और जीरो एफआईआर के 10 आवश्यक नियम 1 पेज पर प्रिंट करें।
कार्ड देखें →
Patient Right ⚠️ 72-HOUR TIMELINE 🌐 अखिल भारतीय कानून

क्या मरीज को अस्पताल से अपनी पूरी केस शीट और मेडिकल रिकॉर्ड पाने का हक है?

हाँ। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के नियमों के तहत अस्पताल को मरीज या उसके परिजनों के मांगने पर 72 घंटे में पूरे रिकॉर्ड देना अनिवार्य है।

लागू कानून व प्रावधान: Code of Medical Ethics Regulations, 2002 (Rule 1.3.2) & Consumer Protection Act
संबंधित अनुच्छेद: Article 21 (Right to Information Concerning One's Own Health) (अनुच्छेद 21 →)
अधिकारी से शांत एवं विनम्र भाषा में क्या बोलें:
🛡️ अनुच्छेद 21 कवच
“डॉक्टर साहब / अस्पताल प्रशासन, Code of Medical Ethics Regulations, 2002 (Rule 1.3.2) & Consumer Protection Act के अनुसार, अस्पताल को डॉक्टर के नोट्स, टेस्ट रिपोर्ट और दवाइयों का पूरा ब्योरा देना होता है। संविधान के Article 21 (Right to Information Concerning One's Own Health) के तहत यह मेरा संवैधानिक अधिकार है; कृपया केवल निर्धारित विधिक प्रक्रिया व लिखित आदेश से ही कार्रवाई करें।”
कानून क्या कहता है
  • • अस्पताल को डॉक्टर के नोट्स, टेस्ट रिपोर्ट और दवाइयों का पूरा ब्योरा देना होता है।
मौके पर क्या कहें और क्या करें
  1. अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड विभाग (MRD) में लिखित आवेदन देकर रिसीविंग लें।
AI से पूछें (आगे क्या करें)
Emergency Blood ⚠️ NO FORCED REPLACEMENT 🌐 अखिल भारतीय कानून

क्या ब्लड बैंक इमरजेंसी में डोनर न लाने पर खून देने से मना कर सकता है?

नहीं। राष्ट्रीय रक्त आधान परिषद (NBTC) के नियमों के अनुसार आपातकालीन स्थिति में ब्लड बैंक रिप्लेसमेंट डोनर लाने की शर्त नहीं थोप सकते।

लागू कानून व प्रावधान: National Blood Policy & Drugs and Cosmetics Rules, 1945
संबंधित अनुच्छेद: Article 21 (Right to Emergency Healthcare) (अनुच्छेद 21 →)
अधिकारी से शांत एवं विनम्र भाषा में क्या बोलें:
🛡️ अनुच्छेद 21 कवच
“डॉक्टर साहब / अस्पताल प्रशासन, National Blood Policy & Drugs and Cosmetics Rules, 1945 के अनुसार, इमरजेंसी में मरीज की जान बचाना प्राथमिकता है, डोनर की शर्त लगाना गलत है। संविधान के Article 21 (Right to Emergency Healthcare) के तहत यह मेरा संवैधानिक अधिकार है; कृपया केवल निर्धारित विधिक प्रक्रिया व लिखित आदेश से ही कार्रवाई करें।”
कानून क्या कहता है
  • • इमरजेंसी में मरीज की जान बचाना प्राथमिकता है, डोनर की शर्त लगाना गलत है।
मौके पर क्या कहें और क्या करें
  1. डॉक्टर की अर्जेंट पर्ची दिखाएं और एनबीटीसी (NBTC) गाइडलाइंस का हवाला दें।
AI से पूछें (आगे क्या करें)
Unfair Practice ⚠️ VOLUNTARY ONLY 🌐 अखिल भारतीय कानून

क्या कोई रेस्तरां बिल में जबरन 10% सर्विस चार्ज जोड़ सकता है?

नहीं। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) के अनुसार सर्विस चार्ज पूरी तरह स्वैच्छिक है। इसे बिल में जबरन जोड़ना गैरकानूनी है।

लागू कानून व प्रावधान: CCPA Guidelines for Prevention of Unfair Trade Practices in Hotels & Restaurants (2022)
संबंधित अनुच्छेद: Article 14 & Article 21 (Protection Against Arbitrary Extraction) (अनुच्छेद 14 →) (अनुच्छेद 21 →)
अधिकारी से शांत एवं विनम्र भाषा में क्या बोलें:
🛡️ अनुच्छेद 14, 21 कवच
“कि बिल से सर्विस चार्ज हटाएं। न मानने पर 1915 पर उपभोक्ता हेल्पलाइन में शिकायत करें। (संविधान के Article 14 & Article 21 (Protection Against Arbitrary Extraction) के तहत सुरक्षित)।”
कानून क्या कहता है
  • • होटल खुद से बिल में सर्विस चार्ज नहीं जोड़ सकते।
मौके पर क्या कहें और क्या करें
  1. मैनेजर से कहें कि बिल से सर्विस चार्ज हटाएं। न मानने पर 1915 पर उपभोक्ता हेल्पलाइन में शिकायत करें।
AI से पूछें (आगे क्या करें)
Price Cap ⛔ OVERCHARGING ILLEGAL 🌐 अखिल भारतीय कानून

क्या दुकानदार ठंडे पानी या कोल्ड ड्रिंक पर एमआरपी (MRP) से ₹5-₹10 ज्यादा वसूल सकता है?

बिल्कुल नहीं! अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) में सभी टैक्स और ठंडा करने का खर्च शामिल होता है। ₹1 भी ज्यादा लेना कानूनी अपराध है।

लागू कानून व प्रावधान: Legal Metrology Act, 2009 & Legal Metrology (Packaged Commodities) Rules, 2011
संबंधित अनुच्छेद: Article 14 & Article 21 (Fair Consumer Pricing) (अनुच्छेद 14 →) (अनुच्छेद 21 →)
अधिकारी से शांत एवं विनम्र भाषा में क्या बोलें:
🛡️ अनुच्छेद 14, 21 कवच
“प्रबंधक महोदय, Legal Metrology Act, 2009 & Legal Metrology (Packaged Commodities) Rules, 2011 के अनुसार, एमआरपी से अधिक बेचने पर ₹25,000 तक का भारी जुर्माना लग सकता है। संविधान के Article 14 & Article 21 (Fair Consumer Pricing) के तहत किसी भी प्रकार का भेदभाव या मनमानी कार्रवाई वर्जित है; कृपया लिखित नियमों के अनुसार ही कार्यवाही करें।”
कानून क्या कहता है
  • • एमआरपी से अधिक बेचने पर ₹25,000 तक का भारी जुर्माना लग सकता है।
मौके पर क्या कहें और क्या करें
  1. बोतल पर छपी एमआरपी देखें और रसीद मांगकर 1915 पर शिकायत करें।
AI से पूछें (आगे क्या करें)
Fair Practices ⚠️ RBI VIOLATION 🌐 अखिल भारतीय कानून

क्या लोन रिकवरी एजेंट देर रात फोन कर सकते हैं या परिजनों को धमकी दे सकते हैं?

सख्ती से मना है। आरबीआई नियमों के तहत रिकवरी एजेंट सुबह 8 से पहले और शाम 7 के बाद फोन नहीं कर सकते। परिजनों को धमकी देना गंभीर अपराध है।

लागू कानून व प्रावधान: RBI Master Direction on Recovery Agents & Supreme Court Ruling in ICICI Bank v. Prakash Kaur
संबंधित अनुच्छेद: Article 21 (Right to Dignity & Privacy in Debt Recovery) (अनुच्छेद 21 →)
अधिकारी से शांत एवं विनम्र भाषा में क्या बोलें:
🛡️ अनुच्छेद 21 कवच
“प्रबंधक महोदय, RBI Master Direction on Recovery Agents & Supreme Court Ruling in ICICI Bank v. Prakash Kaur के अनुसार, एजेंट पड़ोसियों या कार्यस्थल पर जाकर बदनाम नहीं कर सकते। संविधान के Article 21 (Right to Dignity & Privacy in Debt Recovery) के तहत यह मेरा संवैधानिक अधिकार है; कृपया केवल निर्धारित विधिक प्रक्रिया व लिखित आदेश से ही कार्रवाई करें।”
कानून क्या कहता है
  • • एजेंट पड़ोसियों या कार्यस्थल पर जाकर बदनाम नहीं कर सकते।
मौके पर क्या कहें और क्या करें
  1. धमकी भरी कॉल रिकॉर्ड करें और आरबीआई के बैंकिंग लोकपाल (Ombudsman) के पास शिकायत दर्ज कराएं।
AI से पूछें (आगे क्या करें)
RBI Compensation ⚠️ ₹100/DAY COMPENSATION 🌐 अखिल भारतीय कानून

यदि एटीएम से पैसे न निकलें लेकिन खाते से कट जाएं, तो बैंक को कितना हर्जाना देना होगा?

₹100 प्रतिदिन! आरबीआई के अनुसार यदि 5 दिनों में कटा हुआ पैसा वापस नहीं आता, तो बैंक को ग्राहक को ₹100 प्रतिदिन की दर से जुर्माना भरना होगा।

लागू कानून व प्रावधान: RBI Directive on Harmonisation of Turn Around Time (TAT) and Customer Compensation (2019)
संबंधित अनुच्छेद: Article 300A (Financial Rights of Depositors) (अनुच्छेद 300A →)
अधिकारी से शांत एवं विनम्र भाषा में क्या बोलें:
🛡️ अनुच्छेद 300A कवच
“प्रबंधक महोदय, RBI Directive on Harmonisation of Turn Around Time (TAT) and Customer Compensation (2019) के अनुसार, यह नियम सभी बैंकों के एटीएम (On-us और Off-us), माइक्रो-एटीएम और पीओएस कैश मशीनों पर होने वाले विफल लेनदेन पर लागू होता है। संविधान के Article 300A (Financial Rights of Depositors) के तहत बिना वैध कानूनी प्रक्रिया व लिखित रसीद/सीजर मेमो के मेरी संपत्ति, वाहन या राशि नहीं रोकी जा सकती।”
कानून क्या कहता है
  • • यह नियम सभी बैंकों के एटीएम (On-us और Off-us), माइक्रो-एटीएम और पीओएस कैश मशीनों पर होने वाले विफल लेनदेन पर लागू होता है।
  • • 5 दिन (T+5) पूरे होने के बाद बिना किसी अलग दावे के मुआवजे की राशि स्वतः ग्राहक के खाते में जमा की जानी चाहिए।
मौके पर क्या कहें और क्या करें
  1. एरर कोड वाली एटीएम ट्रांजैक्शन पर्ची या एसएमएस संभाल कर रखें और एटीएम मशीन आईडी (Machine ID) नोट करें।
  2. अपनी बैंक शाखा या नेट बैंकिंग/मोबाइल ऐप के माध्यम से आधिकारिक शिकायत (Dispute Ticket) दर्ज करें और रेफरेंस नंबर लें।
  3. यदि 5 दिनों (T+5) के भीतर पैसा वापस न आए, तो आरबीआई सीएमएस पोर्टल (cms.rbi.org.in) या हेल्पलाइन 14448 पर ₹100/दिन के वैधानिक मुआवजे का दावा करें।
AI से पूछें (आगे क्या करें)
Consumer Protection ⚠️ UNFAIR TRADE PRACTICE 🌐 अखिल भारतीय कानून

क्या मॉल या शोरूम अपने लोगो (Logo) वाले कैरी बैग के लिए ₹10-₹20 अलग से वसूल सकते हैं?

गैरकानूनी! उपभोक्ता अदालतों ने फैसला दिया है कि अपने ब्रांड के विज्ञापन वाले कैरी बैग के लिए ग्राहकों से पैसे वसूलना सेवा में कमी और अनुचित व्यापार है।

लागू कानून व प्रावधान: Section 2(47) Consumer Protection Act, 2019 & NCDRC Ruling in Big Bazaar / Lifestyle Cases
संबंधित अनुच्छेद: Article 14 & Article 21 (Consumer Rights Protection) (अनुच्छेद 14 →) (अनुच्छेद 21 →)
अधिकारी से शांत एवं विनम्र भाषा में क्या बोलें:
🛡️ अनुच्छेद 14, 21 कवच
“प्रबंधक महोदय, Section 2(47) Consumer Protection Act, 2019 & NCDRC Ruling in Big Bazaar / Lifestyle Cases के अनुसार, दुकानदार को या तो मुफ्त सादा बैग देना होगा या ग्राहक को अपना थैला लाने की अनुमति देनी होगी। संविधान के Article 14 & Article 21 (Consumer Rights Protection) के तहत किसी भी प्रकार का भेदभाव या मनमानी कार्रवाई वर्जित है; कृपया लिखित नियमों के अनुसार ही कार्यवाही करें।”
कानून क्या कहता है
  • • दुकानदार को या तो मुफ्त सादा बैग देना होगा या ग्राहक को अपना थैला लाने की अनुमति देनी होगी।
मौके पर क्या कहें और क्या करें
  1. बिल में बैग का चार्ज जोड़ने पर आपत्ति जताएं और कंज्यूमर फोरम में शिकायत करें।
AI से पूछें (आगे क्या करें)
Career Freedom ⛔ UNLAWFUL WITHHOLDING 🌐 अखिल भारतीय कानून

क्या कंपनी नोटिस पीरियड पूरा होने के बाद भी आपका रिलीविंग लेटर या अनुभव प्रमाण पत्र रोक सकती है?

नहीं। नोटिस पूरा होने पर अनुभव प्रमाण पत्र रोकना आजीविका के अधिकार (अनुच्छेद 21) और रोजगार की स्वतंत्रता का सीधा उल्लंघन है।

लागू कानून व प्रावधान: Article 19(1)(g) & Article 21 Constitution of India & State Shops and Establishments Acts
संबंधित अनुच्छेद: Article 19(1)(g) (Right to Practice Any Profession) & Article 21 (Livelihood) (अनुच्छेद 19 →) (अनुच्छेद 21 →)
अधिकारी से शांत एवं विनम्र भाषा में क्या बोलें:
🛡️ अनुच्छेद 19, 21 कवच
“एचआर / प्रबंधन महोदय, Article 19(1)(g) & Article 21 Constitution of India & State Shops and Establishments Acts के अनुसार, हाईकोर्ट ने माना है कि अनुभव प्रमाण पत्र कर्मचारी का वैधानिक अधिकार है। संविधान के Article 19(1)(g) (Right to Practice Any Profession) & Article 21 (Livelihood) के तहत यह मेरी मौलिक स्वतंत्रता है; यदि कोई रोक है तो कृपया सक्षम अधिकारी का लिखित आदेश दिखाएं।”
कानून क्या कहता है
  • • हाईकोर्ट ने माना है कि अनुभव प्रमाण पत्र कर्मचारी का वैधानिक अधिकार है।
मौके पर क्या कहें और क्या करें
  1. एचआर को लिखित ईमेल भेजें और न मिलने पर लेबर कमिश्नर या वकील के जरिए लीगल नोटिस भिजवाएं।
AI से पूछें (आगे क्या करें)
EN-IN • STUDIO VOICE
Preparing studio neural voice...