क्या कंपनी नौकरी छोड़ने के बाद प्रतिद्वंद्वी कंपनी में काम करने पर 1-2 साल का प्रतिबंध लगा सकती है?
पूरी तरह अमान्य और शून्य! भारतीय अनुबंध अधिनियम की धारा 27 के तहत किसी भी नागरिक को उसकी पसंद का रोजगार करने से रोकने वाला कोई भी बॉन्ड कानूनन शून्य (Void) होता है।
- • नौकरी समाप्त होने के बाद लगाया गया कोई भी नॉन-कम्पीट प्रतिबंध भारतीय अदालतों में टिक नहीं सकता।
- कंपनी के नॉन-कम्पीट बॉन्ड की धमकियों से न डरें। केवल कंपनी का गोपनीय डेटा या कोड साथ न ले जाएं।
क्या कंपनी किसी गर्भवती महिला को नौकरी से निकाल सकती है या 26 सप्ताह की सवैतनिक मैटरनिटी लीव देने से मना कर सकती है?
सख्ती से गैरकानूनी! मातृत्व लाभ अधिनियम के तहत हर महिला को 26 सप्ताह की पूरी तनख्वाह के साथ छुट्टी पाने का हक है। गर्भावस्था के दौरान नौकरी से निकालना संगीन अपराध है।
- • छुट्टी के दौरान नौकरी से निकालना या वेतन रोकना कानूनन अपराध है।
- एचआर को लिखित मेडिकल प्रमाण पत्र दें और छंटनी होने पर लेबर कमिश्नर में शिकायत करें।
क्या 5 साल की निरंतर सेवा पूरी होने के बाद कंपनी ग्रेच्युटी देने से इनकार कर सकती है?
नहीं। 5 साल की सेवा पूरी होने पर ग्रेच्युटी पाना कर्मचारी का वैधानिक अधिकार है। कंपनी इसे अपनी मर्जी से रोक नहीं सकती।
- • 30 दिनों से अधिक की देरी होने पर कंपनी को ब्याज सहित भुगतान करना होगा।
- इस्तीफे के बाद फॉर्म I भरकर कंपनी को दें और न मिलने पर लेबर कोर्ट में फॉर्म N जमा करें।
क्या फीस बकाया होने पर स्कूल आपका ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) या मार्कशीट रोक सकता है?
सख्ती से मना है। विभिन्न हाईकोर्ट्स ने साफ किया है कि मार्कशीट और टीसी छात्र का अधिकार हैं; फीस विवाद में बच्चे का भविष्य बंधक नहीं बनाया जा सकता।
- • स्कूल बकाया फीस के लिए कानूनी रास्ता ले सकता है, लेकिन बच्चे की मार्कशीट नहीं रोक सकता।
- प्रिंसिपल को लिखित आवेदन दें और न मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) में शिकायत करें।
यदि कॉलेज में सीनियर्स द्वारा रैगिंग की जाए तो कानून क्या कहता है?
कतई बर्दाश्त नहीं! सुप्रीम कोर्ट और यूजीसी के कड़े नियमों के अनुसार रैगिंग की शिकायत मिलने पर 24 घंटे में पुलिस एफआईआर दर्ज कराना और दोषी छात्रों को निलंबित करना अनिवार्य है।
- • कॉलेज प्रशासन यदि एफआईआर नहीं कराता तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
- • एंटी-रैगिंग टोल फ्री हेल्पलाइन: 1800-180-5522 चौबीसों घंटे सक्रिय रहती है।
- तुरंत राष्ट्रीय एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन 1800-180-5522 पर कॉल करें।
क्या स्कूल में टीचर बच्चे की पिटाई कर सकता है या शारीरिक दंड दे सकता है?
सख्ती से प्रतिबंधित है। शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम की धारा 17 के तहत किसी भी बच्चे को शारीरिक या मानसिक प्रताड़ना देना कानूनन अपराध है।
- • बच्चों को पीटने वाले शिक्षक पर जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत 3 साल तक की जेल हो सकती है।
- बच्चे का तुरंत मेडिकल कराएं और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट में पुलिस में एफआईआर दर्ज कराएं।
क्या उपेक्षा या प्रताड़ना होने पर बुजुर्ग माता-पिता बच्चों को दी गई संपत्ति की रजिस्ट्री रद्द करा सकते हैं?
हाँ! वरिष्ठ नागरिक अधिनियम की धारा 23 के तहत यदि बच्चे माता-पिता की देखभाल नहीं करते, तो ट्रांसफर ट्रिब्यूनल संपत्ति की रजिस्ट्री तुरंत रद्द कर सकता है।
- • बुजुर्ग सीधे एसडीएम (SDM) की मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल में अर्जी लगा सकते हैं।
- • ट्रिब्यूनल 90 दिनों में संपत्ति वापस दिलाने और बच्चों को बेदखल करने का आदेश दे सकती है।
- स्थानीय एसडीएम कार्यालय में मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल के पास आवेदन जमा करें।
आरटीआई (RTI) में किस स्थिति में सरकारी विभाग को 48 घंटे के भीतर जवाब देना अनिवार्य है?
48 घंटे के भीतर। यदि मांगी गई जानकारी किसी व्यक्ति के जीवन या स्वतंत्रता (Life or Liberty) से जुड़ी हो, तो 48 घंटे में सूचना देना अनिवार्य है।
- • सामान्य मामलों में 30 दिन का समय होता है, लेकिन जीवन व स्वतंत्रता के मामलों में केवल 48 घंटे की समय सीमा है।
- आवेदन पर बड़े अक्षरों में लिखें: 'धारा 7(1) के तहत जीवन और स्वतंत्रता से संबंधित अति-आवश्यक आवेदन'।