आपातकालीन नागरिक हेल्पलाइन

अनुच्छेद 284 Part XII

लोक सेवकों और न्यायालयों द्वारा प्राप्त वादकर्ताओं की जमा राशियों और अन्य धनराशियों की अभिरक्षा

त्वरित सारांश (TL;DR)
अनुच्छेद 284 (लोक सेवकों और न्यायालयों द्वारा प्राप्त वादकर्ताओं की जमा राशियों और अन्य धनराशियों की अभिरक्षा): भाग XII के तहत कराधान (Tax), संचित निधि, केंद्र-राज्य राजस्व बंटवारे और संपत्ति के अधिकार का नियम।
संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 284 'लोक सेवकों और न्यायालयों द्वारा प्राप्त वादकर्ताओं की जमा राशियों और अन्य धनराशियों की अभिरक्षा' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।
संवैधानिक प्रावधान (अनुच्छेद 284): Part XII के अंतर्गत 'लोक सेवकों और न्यायालयों द्वारा प्राप्त वादकर्ताओं की जमा राशियों और अन्य धनराशियों की अभिरक्षा' के लिए बाध्यकारी कानूनी नियम तय करता है
इसमें 1 खंड (Clauses) व 2 उप-खंड के माध्यम से स्पष्ट प्रक्रिया तय की गई है
अनुच्छेद 284 के उल्लंघन में की गई किसी भी प्रशासनिक कार्रवाई को हाई कोर्ट (अनुच्छेद 226) या सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है
अनुच्छेद 265 के तहत बिना वैध कानून के कोई टैक्स नहीं वसूला जा सकता और संसद/विधानसभा की मंजूरी के बिना संचित निधि से एक रुपया भी नहीं निकाला जा सकता।
यह नागरिकों को गैर-कानूनी टैक्स वसूली और मनमानी संपत्ति जब्ती से बचाता है तथा सरकारी खजाने पर कड़ा नियंत्रण रखता है।
और गहराई से पढ़ना चाहते हैं? आधिकारिक राजपत्रित मूल पाठ या सुप्रीम कोर्ट निर्णय व संविधान सभा बहस देखें:
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