आपातकालीन नागरिक हेल्पलाइन

संपूर्ण संविधान विकास एटलस (१९५०–२०२६)

भारत का संविधान कैसे विकसित हुआ — पहले (१९५१) से १०६वें (२०२३) संशोधन तक

भारत का संविधान एक जीवंत दस्तावेज है। ७५ वर्षों में संसद ने नागरिक अधिकारों के विस्तार, राज्यों के पुनर्गठन, कर सुधार और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए अनुच्छेद ३६८ के तहत इसमें १०६ बार संशोधन किया है। संविधान के मुख्य अंगों को समझें और नीचे सभी १०६ संशोधनों को क्रमवार पढ़ें।

संविधान की बुनियादी संरचना (१९५० बनाम आज)

संविधान में भाग, अनुच्छेद, अनुसूचियाँ और संशोधन का क्या अर्थ होता है?

३९५ → ४४८+
अनुच्छेद (Articles / नियम)
१९५० में ३९५ → आज ४४८+

संविधान के अंदर लिखे गए क्रमांकित कानून और नियम, जो आपके मौलिक अधिकार, संसद व न्यायालयों की शक्तियाँ और सरकार की जिम्मेदारियाँ तय करते हैं।

२२ → २५
भाग (Parts / अध्याय)
१९५० में २२ → आज २५

किसी किताब के अध्यायों (Chapters) की तरह, प्रत्येक "भाग" एक विषय से जुड़े अनुच्छेदों को एक साथ रखता है—जैसे भाग ३ में मौलिक अधिकार और भाग ९ में पंचायतें हैं।

८ → १२
अनुसूचियाँ (Schedules / तालिकाएँ)
१९५० में ८ → आज १२

संविधान के अंत में दी गई विस्तृत सूचियाँ और तालिकाएँ (जैसे २२ आधिकारिक भाषाएँ, केंद्र-राज्य अधिकार सूची, दल-बदल नियम और पंचायतों के विषय) ताकि मुख्य अनुच्छेद सरल रहें।

० → ११
मौलिक कर्तव्य (Duties)
१९५० में ० → आज ११

जहाँ मौलिक अधिकार बताते हैं कि देश आपको क्या देगा, वहीं मौलिक कर्तव्य (अनुच्छेद 51A, १९७६ व २००२ में जोड़े गए) बताते हैं कि देश के प्रति हर नागरिक के ११ नैतिक फर्ज क्या हैं।

० → १०६
संशोधन (Amendments)
पहला (१९५१) → १०६वाँ (२०२३)

अनुच्छेद ३६८ के तहत संसद द्वारा संविधान में किया गया आधिकारिक सुधार या नया प्रावधान, ताकि पूरी किताब दोबारा लिखे बिना संविधान नई पीढ़ी की जरूरतों के साथ चल सके।

दशक-वार संशोधन ग्राफ (१९५० से २०२० का दशक)

किसी भी दशक के संशोधनों को देखने के लिए उस दशक के बार पर क्लिक करें।

दिखा रहे हैं १–१५ कुल १०६ संशोधन
#१०६ १०६वाँ संशोधन वर्ष: २०२३
★ प्रमुख संशोधन लोकतंत्र और चुनाव

नारी शक्ति वंदन अधिनियम: लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण

अनुच्छेद 330A और 332A जोड़कर देश की संसद (लोकसभा), सभी राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में एक-तिहाई (33%) सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित कीं।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३३०A अनुच्छेद ३३२A २३९AA
#१०५ १०५वाँ संशोधन वर्ष: २०२१
सामाजिक न्याय और भाषाएँ

राज्यों को अपनी अलग राज्य OBC सूची बनाने का संवैधानिक अधिकार वापस मिला

अनुच्छेद 342A में सुधार कर यह स्पष्ट किया कि हर राज्य सरकार को अपने राज्य की ओबीसी (OBC) सूची तैयार करने का पूरा अधिकार है।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३३८B अनुच्छेद ३४२A अनुच्छेद ३६६
#१०४ १०४वाँ संशोधन वर्ष: २०२०
सामाजिक न्याय और भाषाएँ

SC/ST सीट आरक्षण 2030 तक बढ़ाया गया (एंग्लो-इंडियन मनोनयन समाप्त)

लोकसभा और विधानसभाओं में अनुसूचित जाति व जनजाति के आरक्षण को 2030 तक बढ़ाया और 2 मनोनीत एंग्लो-इंडियन सीटों की व्यवस्था समाप्त की।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३३४
#१०३ १०३वाँ संशोधन वर्ष: २०१९
★ प्रमुख संशोधन सामाजिक न्याय और भाषाएँ

आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों (EWS) को शिक्षा व नौकरी में 10% आरक्षण

अनुच्छेद 15(6) और 16(6) जोड़कर सामान्य वर्ग के गरीब परिवारों के युवाओं को कॉलेज दाखिले और सरकारी नौकरियों में 10% आरक्षण दिया गया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: १५(६) १६(६)
#१०२ १०२वाँ संशोधन वर्ष: २०१८
★ प्रमुख संशोधन सामाजिक न्याय और भाषाएँ

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) को पूर्ण संवैधानिक दर्जा (अनुच्छेद 338B)

अनुच्छेद 338B जोड़कर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) को ओबीसी समाज की शिकायतों की जांच के लिए पूर्ण संवैधानिक शक्ति दी गई।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३३८B अनुच्छेद ३४२A
#१०१ १०१वाँ संशोधन वर्ष: २०१६
★ प्रमुख संशोधन राज्य, केंद्रशासित प्रदेश और कर

एक राष्ट्र, एक कर: 17 अलग टैक्स हटाकर पूरे देश में GST लागू

अनुच्छेद 246A और GST काउंसिल (279A) बनाकर वैट, एक्साइज और चुंगी जैसे 17 अलग-अलग टैक्सों की जगह एक पारदर्शी GST प्रणाली लागू की।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद २४६A अनुच्छेद २६९A अनुच्छेद २७९A
#१०० १००वाँ संशोधन वर्ष: २०१५
राज्य, केंद्रशासित प्रदेश और कर

भारत-बांग्लादेश भूमि सीमा समझौता: 50,000 एनक्लेव निवासियों को मिली नागरिकता

बांग्लादेश के साथ 68 साल पुराना सीमा विवाद सुलझाया, जिससे छीटमहल में रहने वाले 50,000 से अधिक लोगों को नागरिकता, स्कूल और बिजली मिली।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: १st Schedule
#९९ ९९वाँ संशोधन वर्ष: २०१४
न्यायपालिका और न्यायालय

राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (NJAC) — 2015 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द

जजों की नियुक्ति के लिए NJAC आयोग बनाया गया था, जिसे 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता के मूल ढाँचे के खिलाफ मानकर रद्द कर दिया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: १२४A–१२४C
#९८ ९८वाँ संशोधन वर्ष: २०१२
राज्य, केंद्रशासित प्रदेश और कर

कर्नाटक के पिछड़े हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र के विकास हेतु अनुच्छेद 371J

कर्नाटक के 6 पिछड़े जिलों के युवाओं को शिक्षा व सरकारी नौकरियों में अवसर और विकास बोर्ड देने हेतु अनुच्छेद 371J जोड़ा गया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३७१J
#९७ ९७वाँ संशोधन वर्ष: २०११
★ प्रमुख संशोधन अधिकार और भूमि सुधार

सहकारी समिति (Cooperative Society) बनाना अब मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 19(1)(c))

अनुच्छेद 19(1)(c) में "सहकारी समिति" जोड़कर किसानों, डेयरी और आवास समितियों के गठन को मौलिक अधिकार बनाया तथा भाग 9ख जोड़ा।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: १९(१)(c) अनुच्छेद ४३B Part IXB
#९६ ९६वाँ संशोधन वर्ष: २०११
सामाजिक न्याय और भाषाएँ

8वीं अनुसूची में भाषा का नाम "उड़िया (Oriya)" से बदलकर "ओड़िया (Odia)" किया

ओडिशा की जनता के सम्मान में आठवीं अनुसूची में भाषा का नाम "Oriya" से सुधारकर "Odia (ओड़िया)" किया गया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: ८th Schedule
#९५ ९५वाँ संशोधन वर्ष: २००९
सामाजिक न्याय और भाषाएँ

SC/ST सीट आरक्षण को वर्ष 2020 तक बढ़ाया गया

लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के आरक्षण को 2020 तक आगे बढ़ाया गया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३३४
#९४ ९४वाँ संशोधन वर्ष: २००६
सामाजिक न्याय और भाषाएँ

झारखंड और छत्तीसगढ़ में जनजातीय कल्याण मंत्री की अनिवार्यता

नए राज्य बनने के बाद छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश और ओडिशा में जनजातीय कल्याण मंत्री होना अनिवार्य किया गया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद १६४
#९३ ९३वाँ संशोधन वर्ष: २००५
★ प्रमुख संशोधन सामाजिक न्याय और भाषाएँ

उच्च शिक्षण संस्थानों (IIT/IIM व कॉलेजों) में OBC, SC व ST छात्रों को आरक्षण

अनुच्छेद 15(5) जोड़कर केंद्रीय विश्वविद्यालयों, IIT, IIM, मेडिकल कॉलेजों और निजी संस्थानों में वंचित वर्ग के छात्रों के प्रवेश आरक्षण का रास्ता खोला।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: १५(५)
#९२ ९२वाँ संशोधन वर्ष: २००३
★ प्रमुख संशोधन सामाजिक न्याय और भाषाएँ

बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली भाषाएँ जुड़ीं (कुल 22 भाषाएँ)

आठवीं अनुसूची में बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली को शामिल कर संविधान की मान्यता प्राप्त भाषाओं की संख्या 22 कर दी गई।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: ८th Schedule
#९१ ९१वाँ संशोधन वर्ष: २००३
★ प्रमुख संशोधन लोकतंत्र और चुनाव

मंत्रियों की संख्या पर 15% की पाबंदी और दल-बदलुओं के मंत्री बनने पर रोक

जनता के टैक्स का पैसा बचाने के लिए मंत्रिमंडल का आकार कुल सदस्यों के 15% पर सीमित किया और दल-बदलुओं के मंत्री बनने पर रोक लगाई।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ७५ अनुच्छेद १६४ १०th Schedule
#९० ९०वाँ संशोधन वर्ष: २००३
सामाजिक न्याय और भाषाएँ

असम के बोडोलैंड क्षेत्र में सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व सुरक्षित

बोडो समझौते के बाद असम विधानसभा में बोडोलैंड क्षेत्र के जनजातीय व गैर-जनजातीय नागरिकों का प्रतिनिधित्व सुरक्षित रखा।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३३२
#८९ ८९वाँ संशोधन वर्ष: २००३
★ प्रमुख संशोधन सामाजिक न्याय और भाषाएँ

अनुसूचित जनजातियों (ST) के लिए अलग राष्ट्रीय आयोग का गठन (अनुच्छेद 338A)

अनुच्छेद 338A जोड़कर आदिवासी समाज के जल-जंगल-ज़मीन और अधिकारों की विशेष रक्षा हेतु अलग "राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग" बनाया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३३८ अनुच्छेद ३३८A
#८८ ८८वाँ संशोधन वर्ष: २००३
राज्य, केंद्रशासित प्रदेश और कर

सर्विस टैक्स की वसूली और राज्यों के साथ बंटवारे का नियम (268A)

अनुच्छेद 268A जोड़कर सर्विस टैक्स से मिलने वाले राजस्व को केंद्र और राज्यों के बीच बांटने की व्यवस्था की (जो 2016 में GST में समाहित हुआ)।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद २६८A
#८७ ८७वाँ संशोधन वर्ष: २००३
लोकतंत्र और चुनाव

2001 की जनगणना के आधार पर चुनावी क्षेत्रों का परिसीमन

राज्य की कुल सीटें बदले बिना 2001 की आबादी के अनुसार अंदरूनी चुनावी क्षेत्रों व SC/ST सीटों के पुनर्गठन का नियम बनाया।

#८६ ८६वाँ संशोधन वर्ष: २००२
★ प्रमुख संशोधन अधिकार और भूमि सुधार

6 से 14 वर्ष के हर बच्चे की मुफ्त शिक्षा बनी मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 21A)

अनुच्छेद 21A जोड़कर 6 से 14 साल के हर बच्चे की मुफ्त पढ़ाई को मौलिक अधिकार बनाया और अनुच्छेद 51A(k) में माता-पिता का 11वाँ मूल कर्तव्य जोड़ा।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद २१A अनुच्छेद ४५ ५१A(k)
#८५ ८५वाँ संशोधन वर्ष: २००१
सामाजिक न्याय और भाषाएँ

प्रमोशन पाने वाले SC/ST कर्मचारियों को वरिष्ठता (Seniority) का लाभ

अनुच्छेद 16(4A) में संशोधन कर आरक्षित कोटे से पदोन्नत हुए SC/ST कर्मचारियों को परिणामी वरिष्ठता (Seniority) का अधिकार दिया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: १६(४A)
#८४ ८४वाँ संशोधन वर्ष: २००१
लोकतंत्र और चुनाव

जनसंख्या नियंत्रण करने वाले राज्यों के हित में लोकसभा सीटें 2026 तक स्थिर

जिन राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण में अच्छा काम किया, उनकी लोकसभा सीटें कम न हों—इसलिए सीटों की संख्या 2026 तक स्थिर रखी गई।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ८२ अनुच्छेद १७०
#८३ ८३वाँ संशोधन वर्ष: २०००
राज्य, केंद्रशासित प्रदेश और कर

100% जनजातीय आबादी वाले अरुणाचल प्रदेश की पंचायतों हेतु विशेष नियम

अरुणाचल प्रदेश में पूरी आबादी स्वदेशी जनजातियों की होने के कारण वहाँ की पंचायतों को अनुच्छेद 243M के तहत विशेष छूट दी गई।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद २४३M
#८२ ८२वाँ संशोधन वर्ष: २०००
सामाजिक न्याय और भाषाएँ

प्रमोशन परीक्षाओं में SC/ST के लिए न्यूनतम अंकों में छूट (अनुच्छेद 335)

अनुच्छेद 335 में प्रावधान जोड़ा ताकि विभागीय पदोन्नति परीक्षाओं में अनुसूचित जाति व जनजाति के लिए अर्हक अंकों में रियायत दी जा सके।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३३५
#८१ ८१वाँ संशोधन वर्ष: २०००
सामाजिक न्याय और भाषाएँ

SC/ST बैकलॉग (खाली पड़ी) नौकरियों को 50% की वार्षिक सीमा से छूट

अनुच्छेद 16(4B) जोड़ा ताकि पिछले वर्षों की खाली पड़ी SC/ST आरक्षित सीटों (Backlog) को भरने में 50% की सीमा आड़े न आए।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: १६(४B)
#८० ८०वाँ संशोधन वर्ष: २०००
राज्य, केंद्रशासित प्रदेश और कर

केंद्र के सभी करों में राज्यों को सीधा हिस्सा (10वाँ वित्त आयोग)

अनुच्छेद 270 में सुधार कर केंद्र द्वारा वसूले जाने वाले सभी टैक्सों के कुल हिस्से में से राज्यों को सीधी भागीदारी दी गई।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद २७०
#७९ ७९वाँ संशोधन वर्ष: १९९९
सामाजिक न्याय और भाषाएँ

SC/ST सीट आरक्षण को वर्ष 2010 तक बढ़ाया गया

संसद और विधानसभाओं में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के आरक्षण को 10 वर्ष और बढ़ाकर 2010 तक किया गया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३३४
#७८ ७८वाँ संशोधन वर्ष: १९९५
अधिकार और भूमि सुधार

विभिन्न राज्यों के 27 भूमि सुधार कानूनों को सुरक्षा

किसानों के हित से जुड़े 27 और राज्य भूमि सुधार कानूनों को 9वीं अनुसूची में जोड़ा गया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: ९th Schedule
#७७ ७७वाँ संशोधन वर्ष: १९९५
★ प्रमुख संशोधन सामाजिक न्याय और भाषाएँ

अनुसूचित जाति व जनजाति (SC/ST) को सरकारी पदोन्नति (Promotion) में आरक्षण

अनुच्छेद 16(4A) जोड़कर सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के कर्मचारियों के प्रमोशन में आरक्षण को संवैधानिक आधार दिया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: १६(४A)
#७६ ७६वाँ संशोधन वर्ष: १९९४
सामाजिक न्याय और भाषाएँ

तमिलनाडु के 69% सामाजिक आरक्षण कानून को संवैधानिक संरक्षण

तमिलनाडु के पिछड़े, दलित व आदिवासी वर्गों के शिक्षा व रोज़गार आरक्षण कानून (1993) को 9वीं अनुसूची में शामिल किया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: ९th Schedule
#७५ ७५वाँ संशोधन वर्ष: १९९४
शासन और प्रशासन

किरायेदार और मकान मालिक विवादों के त्वरित निपटारे हेतु ट्रिब्यूनल

मकान मालिक और किरायेदारों के मुकदमों को जल्दी सुलझाने के लिए अनुच्छेद 323B में किराया न्यायाधिकरण (Rent Tribunals) का प्रावधान किया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३२३B
#७४ ७४वाँ संशोधन वर्ष: १९९२
★ प्रमुख संशोधन लोकतंत्र और चुनाव

नगरपालिका कानून: शहरों के वार्ड और नगर निगमों को संवैधानिक दर्जा

संविधान में भाग 9क और 12वीं अनुसूची जोड़कर शहरों की नगरपालिकाओं, वार्ड समितियों और महिला पार्षद आरक्षण को संवैधानिक दर्जा दिया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: २४३P–२४३ZG १२th Schedule
#७३ ७३वाँ संशोधन वर्ष: १९९२
★ प्रमुख संशोधन लोकतंत्र और चुनाव

पंचायती राज कानून: गाँव की ग्राम सभा को संवैधानिक शक्ति व महिला आरक्षण

संविधान में भाग 9 जोड़ा: गाँव की ग्राम सभा को सीधा अधिकार, हर 5 साल में चुनाव अनिवार्य और महिलाओं को कम-से-कम 33% आरक्षण।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: २४३–२४३O ११th Schedule
#७२ ७२वाँ संशोधन वर्ष: १९९२
सामाजिक न्याय और भाषाएँ

त्रिपुरा विधानसभा में अनुसूचित जनजातियों (ST) के लिए सीट आरक्षण

त्रिपुरा शांति समझौते के तहत त्रिपुरा विधानसभा में जनजातीय समाज के लिए सीटों का आरक्षण सुनिश्चित किया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३३२
#७१ ७१वाँ संशोधन वर्ष: १९९२
★ प्रमुख संशोधन सामाजिक न्याय और भाषाएँ

कोंकणी, मणिपुरी और नेपाली भाषाएँ 8वीं अनुसूची में शामिल

आठवीं अनुसूची में कोंकणी, मणिपुरी और नेपाली भाषाओं को जोड़कर मान्यता प्राप्त भाषाओं की संख्या 18 की गई।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: ८th Schedule
#७० ७०वाँ संशोधन वर्ष: १९९२
लोकतंत्र और चुनाव

राष्ट्रपति चुनाव में दिल्ली और पुडुचेरी के विधायकों को वोट का अधिकार

अनुच्छेद 54 में संशोधन कर दिल्ली और पुडुचेरी के निर्वाचित विधायकों को भारत के राष्ट्रपति चुनाव में मतदान का हक दिया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ५४ अनुच्छेद ३६८
#६९ ६९वाँ संशोधन वर्ष: १९९१
★ प्रमुख संशोधन राज्य, केंद्रशासित प्रदेश और कर

दिल्ली को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT) और अपनी विधानसभा मिली

अनुच्छेद 239AA जोड़कर दिल्ली के नागरिकों को 70 सीटों वाली अपनी निर्वाचित विधानसभा और मुख्यमंत्री चुनने का अधिकार दिया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: २३९AA २३९AB
#६८ ६८वाँ संशोधन वर्ष: १९९१
राज्य, केंद्रशासित प्रदेश और कर

पंजाब में 1992 के विधानसभा चुनाव से पूर्व अंतिम विस्तार

फरवरी 1992 में पंजाब में चुनी हुई सरकार की वापसी से ठीक पहले का अंतिम संवैधानिक विस्तार।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३५६
#६७ ६७वाँ संशोधन वर्ष: १९९०
राज्य, केंद्रशासित प्रदेश और कर

पंजाब में चुनाव होने तक राष्ट्रपति शासन की अवधि बढ़ाई गई

पंजाब में लोकतांत्रिक चुनाव बहाल होने तक अंतरिम प्रशासन के लिए अनुच्छेद 356 में संशोधन किया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३५६
#६६ ६६वाँ संशोधन वर्ष: १९९०
अधिकार और भूमि सुधार

किसानों के हित में 55 भूमि सुधार कानून 9वीं अनुसूची में शामिल

जनजातीय और गरीब किसानों की भूमि बचाने वाले 55 राज्य कानूनों को 9वीं अनुसूची का सुरक्षा कवच दिया गया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: ९th Schedule
#६५ ६५वाँ संशोधन वर्ष: १९९०
★ प्रमुख संशोधन सामाजिक न्याय और भाषाएँ

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग (अनुच्छेद 338) को संवैधानिक शक्ति

अनुच्छेद 338 में बदलाव कर दलितों व आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए सिविल कोर्ट जैसी शक्तियों वाला राष्ट्रीय आयोग बनाया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३३८
#६४ ६४वाँ संशोधन वर्ष: १९९०
राज्य, केंद्रशासित प्रदेश और कर

पंजाब में राष्ट्रपति शासन की अवधि बढ़ाई गई

पंजाब में शांतिपूर्ण विधानसभा चुनाव होने तक राष्ट्रपति शासन की अवधि अस्थायी रूप से बढ़ाई गई।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३५६
#६३ ६३वाँ संशोधन वर्ष: १९८९
अधिकार और भूमि सुधार

59वाँ संशोधन रद्द कर पंजाब में भी अनुच्छेद 21 की पूर्ण सुरक्षा बहाल

59वें संशोधन को पूरी तरह समाप्त कर यह सुनिश्चित किया कि भारत के किसी भी हिस्से में जीवन का अधिकार (अनुच्छेद 21) कभी निलंबित न हो।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३५६ अनुच्छेद ३५९A
#६२ ६२वाँ संशोधन वर्ष: १९८९
सामाजिक न्याय और भाषाएँ

SC/ST सीट आरक्षण को वर्ष 2000 तक बढ़ाया गया

लोकसभा और विधानसभाओं में अनुसूचित जाति व जनजाति के आरक्षण को वर्ष 2000 तक आगे बढ़ाया गया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३३४
#६१ ६१वाँ संशोधन वर्ष: १९८८
★ प्रमुख संशोधन लोकतंत्र और चुनाव

मतदान (वोट देने) की उम्र 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष की गई

अनुच्छेद 326 में बदलाव कर 18 वर्ष के हर युवा को वोट देने का अधिकार दिया, जिससे करोड़ों युवा लोकतंत्र के भागीदार बने।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३२६
#६० ६०वाँ संशोधन वर्ष: १९८८
शासन और प्रशासन

वृत्तिक कर (Professional Tax) की अधिकतम सीमा ₹2,500 प्रति वर्ष तय

1949 से चली आ रही वार्षिक प्रोफेशनल टैक्स की अधिकतम सीमा को ₹2,500 प्रति वर्ष पर सीमित किया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद २७६
#५९ ५९वाँ संशोधन वर्ष: १९८८
राज्य, केंद्रशासित प्रदेश और कर

पंजाब संबंधी अस्थायी आपात उपबंध (1989 में 63वें संशोधन द्वारा तुरंत वापस)

पंजाब के लिए लाया गया अस्थायी प्रावधान, जिसे नागरिकों के अधिकारों की रक्षा हेतु अगले ही साल 63वें संशोधन से पूरी तरह हटा दिया गया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३५६
#५८ ५८वाँ संशोधन वर्ष: १९८७
सामाजिक न्याय और भाषाएँ

संविधान के प्रामाणिक हिंदी पाठ को कानूनी मान्यता (अनुच्छेद 394A)

अनुच्छेद 394A जोड़कर संविधान के आधिकारिक हिंदी पाठ को अदालतों में अंग्रेजी पाठ के बराबर कानूनी मान्यता दी गई।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३९४A
#५७ ५७वाँ संशोधन वर्ष: १९८७
सामाजिक न्याय और भाषाएँ

अरुणाचल, मिज़ोरम, मेघालय व नागालैंड विधानसभाओं में जनजातीय प्रतिनिधित्व

पूर्वोत्तर के जनजातीय बहुल राज्यों की विधानसभाओं में स्थानीय जनजातियों के लिए पूर्ण सीट आरक्षण सुनिश्चित किया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३३२
#५६ ५६वाँ संशोधन वर्ष: १९८७
★ प्रमुख संशोधन राज्य, केंद्रशासित प्रदेश और कर

गोवा भारत का 25वाँ पूर्ण राज्य बना (अनुच्छेद 371I)

गोवा को केंद्रशासित प्रदेश से बढ़ाकर भारतीय संघ का 25वाँ पूर्ण राज्य बनाया गया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३७१I
#५५ ५५वाँ संशोधन वर्ष: १९८६
राज्य, केंद्रशासित प्रदेश और कर

अरुणाचल प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा (अनुच्छेद 371H)

अरुणाचल प्रदेश को पूर्ण राज्य बनाया गया और अनुच्छेद 371H के तहत 60 सदस्यों वाली विधानसभा का प्रावधान किया गया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३७१H
#५४ ५४वाँ संशोधन वर्ष: १९८६
न्यायपालिका और न्यायालय

सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के जजों के वेतन को संसद के कानून से जोड़ा

जजों के वेतन संशोधन की प्रक्रिया सरल की ताकि हर बार इसके लिए संविधान संशोधन न करना पड़े।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद १२५ अनुच्छेद २२१
#५३ ५३वाँ संशोधन वर्ष: १९८६
राज्य, केंद्रशासित प्रदेश और कर

मिज़ोरम को पूर्ण राज्य का दर्जा और मिज़ो परंपराओं की रक्षा (371G)

1986 के मिज़ो शांति समझौते के बाद मिज़ोरम को पूर्ण राज्य बनाया और अनुच्छेद 371G द्वारा मिज़ो समाज की परंपराओं व भूमि की रक्षा की।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३७१G
#५२ ५२वाँ संशोधन वर्ष: १९८५
★ प्रमुख संशोधन लोकतंत्र और चुनाव

दल-बदल विरोधी कानून (10वीं अनुसूची): वोट बेचने वाले नेताओं की कुर्सी रद्द

10वीं अनुसूची जोड़कर नियम बनाया कि चुनाव जीतने के बाद पार्टी बदलने वाले सांसद या विधायक की सदस्यता तुरंत समाप्त हो जाएगी।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद १०२ अनुच्छेद १९१ १०th Schedule
#५१ ५१वाँ संशोधन वर्ष: १९८४
सामाजिक न्याय और भाषाएँ

मेघालय, नागालैंड, अरुणाचल व मिज़ोरम में जनजातीय (ST) सीट आरक्षण

मेघालय, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश और मिज़ोरम में अनुसूचित जनजातियों (ST) के लिए लोकसभा व विधानसभा सीटों में आरक्षण सुनिश्चित किया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३३० अनुच्छेद ३३२
#५० ५०वाँ संशोधन वर्ष: १९८४
शासन और प्रशासन

खुफिया एवं राष्ट्रीय सुरक्षा संचार कर्मियों के लिए अनुशासन नियम

अनुच्छेद 33 के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा व खुफिया तंत्र के संचार कर्मियों में अनुशासन बनाए रखने का प्रावधान किया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३३
#४९ ४९वाँ संशोधन वर्ष: १९८४
सामाजिक न्याय और भाषाएँ

त्रिपुरा के जनजातीय क्षेत्रों को 6ठी अनुसूची का स्वायत्त दर्जा

त्रिपुरा के जनजातीय स्वायत्त जिला परिषद को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल कर स्थानीय जनजातीय स्वशासन को मज़बूत किया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद २४४ ६th Schedule
#४८ ४८वाँ संशोधन वर्ष: १९८४
राज्य, केंद्रशासित प्रदेश और कर

पंजाब में राष्ट्रपति शासन की अवधि से जुड़ा विशेष प्रावधान

1984 की विशेष परिस्थितियों में पंजाब में राष्ट्रपति शासन से जुड़ा अस्थायी उपबंध किया गया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३५६
#४७ ४७वाँ संशोधन वर्ष: १९८४
अधिकार और भूमि सुधार

असम, बिहार, हरियाणा, तमिलनाडु व बंगाल के 14 भूमि सुधार कानून सुरक्षित

पश्चिम बंगाल, बिहार, असम और तमिलनाडु सहित राज्यों के 14 भूमि सुधार कानूनों को किसानों के हित में 9वीं अनुसूची में जोड़ा।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: ९th Schedule
#४६ ४६वाँ संशोधन वर्ष: १९८२
राज्य, केंद्रशासित प्रदेश और कर

ठेका कार्यों और किस्त खरीद पर समान बिक्री कर नियम

बड़े ठेकों और किराया-खरीद में टैक्स चोरी रोकने के लिए राज्यों के बिक्री कर नियमों को स्पष्ट किया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद २६९ अनुच्छेद २८६ अनुच्छेद ३६६
#४५ ४५वाँ संशोधन वर्ष: १९८०
सामाजिक न्याय और भाषाएँ

SC/ST सीट आरक्षण को 1990 तक बढ़ाया गया

लोकसभा और विधानसभाओं में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के आरक्षण को 10 वर्ष और बढ़ाकर 1990 तक किया गया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३३४
#४४ ४४वाँ संशोधन वर्ष: १९७८
★ प्रमुख संशोधन अधिकार और भूमि सुधार

अनुच्छेद 20 व 21 (जीवन का अधिकार) कभी निलंबित न होने का स्थायी ताला

तय किया कि आपातकाल में भी अनुच्छेद 20 व 21 (जीवन व आज़ादी का हक) कभी छीने नहीं जा सकते, और बिना कैबिनेट की लिखित मंजूरी के आपातकाल नहीं लग सकता।

#४३ ४३वाँ संशोधन वर्ष: १९७७
न्यायपालिका और न्यायालय

आपातकाल के बाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की शक्तियों की बहाली

आपातकाल के दौरान अदालतों पर लगाई गई रोक को हटाया और नागरिकों के लिए हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के पुराने अधिकार बहाल किए।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३२A अनुच्छेद १३१A अनुच्छेद २२६A
#४२ ४२वाँ संशोधन वर्ष: १९७६
★ प्रमुख संशोधन अधिकार और भूमि सुधार

प्रस्तावना में नए शब्द, मुफ्त कानूनी सहायता (39A) व मूल कर्तव्य (51A)

प्रस्तावना में "समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, अखंडता" जोड़े, गरीबों को मुफ्त वकील (अनुच्छेद 39A), पर्यावरण रक्षा (48A) और 10 मूल कर्तव्य (51A) शामिल किए।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: Preamble अनुच्छेद ३९A अनुच्छेद ४८A अनुच्छेद ५१A
#४१ ४१वाँ संशोधन वर्ष: १९७६
शासन और प्रशासन

राज्य लोक सेवा आयोग (PSC) सदस्यों की आयु सीमा 62 वर्ष

राज्य लोक सेवा आयोग (State PSC) के अध्यक्ष व सदस्यों की सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष की गई।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३१६
#४० ४०वाँ संशोधन वर्ष: १९७६
राज्य, केंद्रशासित प्रदेश और कर

समुद्री सीमा (EEZ) और खनिजों पर भारत का संप्रभु अधिकार

अनुच्छेद 297 में संशोधन कर भारत के समुद्री क्षेत्र (EEZ) के सभी खनिजों, तेल और संसाधनों पर देश का अधिकार सुरक्षित किया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद २९७
#३९ ३९वाँ संशोधन वर्ष: १९७५
शासन और प्रशासन

उच्च पदों के चुनाव विवाद पर नियम (सुप्रीम कोर्ट व 44वें संशोधन द्वारा रद्द)

प्रधानमंत्री चुनाव विवाद को कोर्ट से बाहर रखने का प्रावधान था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक माना और 44वें संशोधन ने हटा दिया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ७१ अनुच्छेद ३२९A
#३८ ३८वाँ संशोधन वर्ष: १९७५
शासन और प्रशासन

आपातकाल व अध्यादेशों की न्यायिक समीक्षा पर रोक (बाद में रद्द)

1975 के आपातकाल के दौरान कोर्ट की जांच रोकने के लिए लाया गया था, जिसे 1978 में 44वें संशोधन द्वारा रद्द कर दिया गया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद १२३ अनुच्छेद २१३ अनुच्छेद ३५२
#३७ ३७वाँ संशोधन वर्ष: १९७५
राज्य, केंद्रशासित प्रदेश और कर

अरुणाचल प्रदेश के लिए विधानसभा और मंत्रिपरिषद

अरुणाचल प्रदेश के नागरिकों के लिए निर्वाचित विधानसभा और मंत्रिपरिषद का गठन किया गया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद २३९A अनुच्छेद २४०
#३६ ३६वाँ संशोधन वर्ष: १९७५
★ प्रमुख संशोधन राज्य, केंद्रशासित प्रदेश और कर

सिक्किम भारत का 22वाँ पूर्ण राज्य बना

जनमत संग्रह में 97% से अधिक नागरिकों के समर्थन के बाद सिक्किम भारत का 22वाँ पूर्ण राज्य बना (अनुच्छेद 371F)।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३७१F १st Schedule
#३५ ३५वाँ संशोधन वर्ष: १९७४
राज्य, केंद्रशासित प्रदेश और कर

सिक्किम को भारत के सह-राज्य का दर्जा

सिक्किम की जनता की लोकतांत्रिक इच्छा के अनुसार सिक्किम को भारत के साथ जोड़ने का पहला कदम।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद २A
#३४ ३४वाँ संशोधन वर्ष: १९७४
अधिकार और भूमि सुधार

विभिन्न राज्यों के 20 भूमि सुधार कानूनों को सुरक्षा

भूमिहीन किसानों को अतिरिक्त भूमि बांटने वाले 20 राज्य कानूनों को 9वीं अनुसूची में शामिल किया गया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: ९th Schedule
#३३ ३३वाँ संशोधन वर्ष: १९७४
लोकतंत्र और चुनाव

सांसदों व विधायकों से जबरन इस्तीफा लेने पर रोक

स्पीकर को यह अधिकार दिया कि वे जांच कर लें कि किसी सांसद या विधायक का इस्तीफा दबाव में नहीं, बल्कि स्वेच्छा से दिया गया है।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद १०१ अनुच्छेद १९०
#३२ ३२वाँ संशोधन वर्ष: १९७३
राज्य, केंद्रशासित प्रदेश और कर

आंध्र प्रदेश में क्षेत्रीय समानता और केंद्रीय विश्वविद्यालय

आंध्र प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं को शिक्षा व रोज़गार में समान अवसर देने के लिए अनुच्छेद 371D और 371E जोड़े गए।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३७१D अनुच्छेद ३७१E
#३१ ३१वाँ संशोधन वर्ष: १९७३
लोकतंत्र और चुनाव

लोकसभा की सीटें 525 से बढ़ाकर 545 की गईं

1971 की जनगणना के बाद जनता के बेहतर प्रतिनिधित्व के लिए लोकसभा की सीटें 525 से बढ़ाकर 545 कर दी गईं।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ८१ अनुच्छेद ३३०
#३० ३०वाँ संशोधन वर्ष: १९७२
न्यायपालिका और न्यायालय

सुप्रीम कोर्ट में अपील के लिए 20,000 रुपये की शर्त खत्म

सुप्रीम कोर्ट में सिविल अपील के लिए 20,000 रुपये की विवाद राशि की शर्त हटाई ताकि गरीब का केस भी कानूनी महत्व के आधार पर सुना जाए।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद १३३
#२९ २९वाँ संशोधन वर्ष: १९७२
अधिकार और भूमि सुधार

केरल के भूमि सुधार कानूनों को संवैधानिक सुरक्षा

केरल के भूमिहीन किसानों को ज़मीन दिलाने वाले कानूनों को 9वीं अनुसूची में रखा (इसी से प्रसिद्ध केशवानंद भारती केस शुरू हुआ)।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: ९th Schedule
#२८ २८वाँ संशोधन वर्ष: १९७२
शासन और प्रशासन

अंग्रेजों के ज़माने के ICS अफसरों के विशेषाधिकार समाप्त

अंग्रेजी राज में भर्ती हुए पुराने ICS अधिकारियों की विशेष सेवा शर्तें समाप्त कर सभी सरकारी सेवकों के नियम एकसमान किए।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३१२A
#२७ २७वाँ संशोधन वर्ष: १९७१
राज्य, केंद्रशासित प्रदेश और कर

पूर्वोत्तर राज्यों (मणिपुर व मिज़ोरम) का पुनर्गठन

मणिपुर के पहाड़ी क्षेत्रों के लिए अनुच्छेद 371C जोड़ा तथा मिज़ोरम और अरुणाचल प्रदेश के प्रशासन को सशक्त किया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद २३९B अनुच्छेद ३७१C
#२६ २६वाँ संशोधन वर्ष: १९७१
★ प्रमुख संशोधन लोकतंत्र और चुनाव

राजा-महाराजाओं के शाही भत्ते (Privy Purse) और खिताब समाप्त

पूर्व रियासतों के राजाओं को सरकारी खजाने से मिलने वाले शाही भत्ते और विशेषाधिकार समाप्त कर हर भारतीय को समान नागरिक बनाया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३६२ अनुच्छेद ३६३A
#२५ २५वाँ संशोधन वर्ष: १९७१
अधिकार और भूमि सुधार

संपत्ति के केंद्रीकरण को रोकने वाले कानूनों को प्राथमिकता

अनुच्छेद 31C जोड़ा ताकि देश के संसाधनों का लाभ गरीबों तक पहुँचाने वाले कानूनों को प्राथमिकता मिले।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३१C अनुच्छेद ३९
#२४ २४वाँ संशोधन वर्ष: १९७१
★ प्रमुख संशोधन लोकतंत्र और चुनाव

संविधान संशोधन प्रक्रिया (अनुच्छेद 368) का स्पष्टीकरण

अनुच्छेद 368 के तहत संसद की संशोधन शक्ति स्पष्ट की (जिसे 1973 में सुप्रीम कोर्ट ने मूल ढाँचे के सिद्धांत से संतुलित किया)।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद १३ अनुच्छेद ३६८
#२३ २३वाँ संशोधन वर्ष: १९६९
सामाजिक न्याय और भाषाएँ

SC/ST आरक्षण को 1980 तक बढ़ाया गया

संसद और राज्य विधानसभाओं में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के आरक्षण को 1980 तक बढ़ाया गया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३३० अनुच्छेद ३३२ अनुच्छेद ३३४
#२२ २२वाँ संशोधन वर्ष: १९६९
राज्य, केंद्रशासित प्रदेश और कर

मेघालय के निर्माण हेतु संवैधानिक प्रावधान

अनुच्छेद 244A जोड़कर मेघालय राज्य के गठन और उसकी अपनी विधानसभा बनाने का मार्ग खोला।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद २४४A अनुच्छेद ३७१B
#२१ २१वाँ संशोधन वर्ष: १९६७
★ प्रमुख संशोधन सामाजिक न्याय और भाषाएँ

सिंधी भाषा को संविधान की 8वीं अनुसूची में जोड़ा गया

सिंधी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में 15वीं मान्यता प्राप्त भाषा के रूप में शामिल किया गया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: ८th Schedule
#२० २०वाँ संशोधन वर्ष: १९६६
न्यायपालिका और न्यायालय

जिला अदालतों के फैसलों को कानूनी सुरक्षा

अनुच्छेद 233A जोड़ा ताकि जिला जजों की नियुक्ति की तकनीकी खामी से आम नागरिकों के पुराने अदालती फैसले रद्द न हों।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद २३३A
#१९ १९वाँ संशोधन वर्ष: १९६६
लोकतंत्र और चुनाव

चुनाव विवादों की सुनवाई का अधिकार सीधे हाईकोर्ट को

अलग चुनाव ट्रिब्यूनल खत्म कर सांसद व विधायक के चुनाव से जुड़ी याचिकाओं की सीधी सुनवाई का अधिकार हाईकोर्ट को दिया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३२४
#१८ १८वाँ संशोधन वर्ष: १९६६
राज्य, केंद्रशासित प्रदेश और कर

पंजाब पुनर्गठन: हरियाणा राज्य और चंडीगढ़ का निर्माण

अनुच्छेद 3 को स्पष्ट कर पंजाब के पुनर्गठन से हरियाणा राज्य और चंडीगढ़ केंद्रशासित प्रदेश के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३
#१७ १७वाँ संशोधन वर्ष: १९६४
अधिकार और भूमि सुधार

किसानों की खुद की खेती वाली ज़मीन की सुरक्षा

नियम बनाया कि किसान की स्वयं की जोत वाली ज़मीन को बिना पूरा बाज़ार मूल्य (Market Value) दिए अधिग्रहित नहीं किया जा सकता।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३१A ९th Schedule
#१६ १६वाँ संशोधन वर्ष: १९६३
लोकतंत्र और चुनाव

भारत की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा की शपथ

हर उम्मीदवार, सांसद, विधायक, मंत्री और जज के लिए भारत की संप्रभुता व अखंडता अक्षुण्ण रखने की शपथ अनिवार्य की।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद १९ अनुच्छेद ८४ अनुच्छेद १७३
#१५ १५वाँ संशोधन वर्ष: १९६३
न्यायपालिका और न्यायालय

हाईकोर्ट जजों की सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष

हाईकोर्ट के न्यायाधीशों की रिटायरमेंट उम्र 60 से 62 वर्ष की और अनुच्छेद 226 के तहत नागरिकों के लिए हाईकोर्ट का दायरा बढ़ाया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद १२८ अनुच्छेद २१७ अनुच्छेद २२६
#१४ १४वाँ संशोधन वर्ष: १९६२
राज्य, केंद्रशासित प्रदेश और कर

पुडुचेरी का भारत में विलय और केंद्रशासित विधानसभाएँ

पुडुचेरी को भारत में शामिल किया और अनुच्छेद 239A जोड़कर केंद्रशासित प्रदेशों में विधानसभा बनाने का रास्ता खोला।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद २३९A अनुच्छेद २४०
#१३ १३वाँ संशोधन वर्ष: १९६२
राज्य, केंद्रशासित प्रदेश और कर

नागालैंड राज्य का गठन और स्थानीय परंपराओं की रक्षा

नागालैंड को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया और अनुच्छेद 371A जोड़कर नागा समाज की पारंपरिक प्रथाओं व भूमि अधिकारों की रक्षा की।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३७१A
#१२ १२वाँ संशोधन वर्ष: १९६२
राज्य, केंद्रशासित प्रदेश और कर

गोवा, दमन और दीव का भारत में विलय

450 वर्षों के पुर्तगाली शासन के अंत के बाद गोवा, दमन और दीव को भारतीय संघ में शामिल किया गया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद २४० १st Schedule
#११ ११वाँ संशोधन वर्ष: १९६१
लोकतंत्र और चुनाव

उपराष्ट्रपति चुनाव प्रक्रिया को सरल बनाया गया

उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए दोनों सदनों के निर्वाचक मंडल की व्यवस्था की और खाली सीटों के कारण चुनाव रुकने पर रोक लगाई।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ६६ अनुच्छेद ७१
#१० १०वाँ संशोधन वर्ष: १९६१
राज्य, केंद्रशासित प्रदेश और कर

दादरा और नगर हवेली का भारत में विलय

पुर्तगाली शासन से मुक्ति के बाद दादरा और नगर हवेली को भारत का केंद्रशासित प्रदेश बनाया गया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद २४० १st Schedule
#९ ९वाँ संशोधन वर्ष: १९६०
राज्य, केंद्रशासित प्रदेश और कर

भारत-पाकिस्तान सीमा समझौता (बेरुबारी यूनियन)

सुप्रीम कोर्ट की सलाह के अनुसार 1958 के भारत-पाक सीमा समझौते को लागू करने के लिए पहली अनुसूची में संशोधन किया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: १st Schedule
#८ ८वाँ संशोधन वर्ष: १९५९
सामाजिक न्याय और भाषाएँ

SC/ST सीट आरक्षण को 1970 तक बढ़ाया गया

लोकसभा और विधानसभाओं में अनुसूचित जाति व जनजाति (SC/ST) के आरक्षण को 10 वर्ष आगे बढ़ाया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३३४
#७ ७वाँ संशोधन वर्ष: १९५६
★ प्रमुख संशोधन राज्य, केंद्रशासित प्रदेश और कर

मातृभाषा के आधार पर राज्यों का ऐतिहासिक पुनर्गठन

पुराने भाग A, B, C, D प्रांतों को समाप्त कर भाषा के आधार पर 14 राज्य और 6 केंद्रशासित प्रदेश बनाए गए।

#६ ६ठा संशोधन वर्ष: १९५६
राज्य, केंद्रशासित प्रदेश और कर

अंतर-राज्यीय बिक्री कर (Sales Tax) का नियम

एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने वाले सामान पर दोहरे टैक्स को रोकने के लिए संसद को नियम बनाने का अधिकार दिया।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद २६९ अनुच्छेद २८६
#५ ५वाँ संशोधन वर्ष: १९५५
राज्य, केंद्रशासित प्रदेश और कर

राज्यों की सीमा बदलने वाले बिलों पर समय-सीमा

राष्ट्रपति को यह अधिकार दिया कि वे राज्य की सीमा बदलने वाले प्रस्ताव पर विधानसभा की राय के लिए समय-सीमा तय कर सकें।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३
#४ ४था संशोधन वर्ष: १९५५
अधिकार और भूमि सुधार

जन-कल्याण परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण नियम

स्पष्ट किया कि बड़े ज़मींदारी अधिग्रहण के मुआवजे के विवाद से जन-कल्याण और भूमि सुधार नहीं रुकेंगे।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ३१ अनुच्छेद ३१A अनुच्छेद ३०५
#३ ३रा संशोधन वर्ष: १९५४
राज्य, केंद्रशासित प्रदेश और कर

खाद्यान्न और आवश्यक वस्तुओं के नियंत्रण की शक्ति

खाद्यान्न, खाद्य तेल और पशु चारे की कीमत व आपूर्ति नियंत्रित करने की शक्ति समवर्ती सूची में जोड़ी गई।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: ७th Schedule
#२ २रा संशोधन वर्ष: १९५२
लोकतंत्र और चुनाव

लोकसभा सीट की जनसंख्या सीमा में बदलाव

1951 की जनगणना के बाद अनुच्छेद 81 में सुधार किया ताकि बढ़ती आबादी के अनुसार लोकसभा सीटें तय हो सकें।

प्रभावित अनुच्छेद / अनुसूची: अनुच्छेद ८१
#१ १ला संशोधन वर्ष: १९५१
★ प्रमुख संशोधन अधिकार और भूमि सुधार

ज़मींदारी उन्मूलन और शिक्षा में सामाजिक आरक्षण

किसानों के भूमि सुधार कानूनों को सुरक्षित किया (9वीं अनुसूची) और वंचित छात्रों के लिए अनुच्छेद 15(4) जोड़ा।

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संवैधानिक प्रक्रिया (अनुच्छेद ३६८)

संसद संविधान में संशोधन कैसे करती है?

संविधान निर्माताओं ने इसे न बहुत कठोर बनाया और न बहुत लचीला—बल्कि ३-स्तरीय प्रणाली बनाई जिसकी रक्षा सुप्रीम कोर्ट करता है।

स्तर १ • साधारण बहुमत

साधारण बहुमत (उपस्थित सांसदों का ५०% + १)

नए राज्यों का गठन, राज्य की सीमाओं या नामों में बदलाव (अनुच्छेद २, ३, ४) साधारण बहुमत से होता है और इन्हें अनुच्छेद ३६८ की गिनती में नहीं गिना जाता।

स्तर २ • विशेष बहुमत

२/३ उपस्थित व मतदान + कुल सदन का बहुमत

अधिकांश संवैधानिक संशोधनों (मौलिक अधिकार, नीति निदेशक तत्व) के लिए लोकसभा और राज्यसभा दोनों में कम से कम दो-तिहाई (२/३) विशेष बहुमत आवश्यक है।

स्तर ३ • राज्यों की सहमति

२/३ संसद + ५०% राज्य विधानसभाओं का अनुमोदन

जब संशोधन संघीय ढांचे (जैसे जीएसटी, सुप्रीम कोर्ट की शक्तियाँ, राष्ट्रपति चुनाव) से जुड़ा हो, तो कम से कम आधे राज्यों की विधानसभाओं की मंजूरी भी अनिवार्य है।

सुप्रीम कोर्ट का सुरक्षा कवच

मूल ढाँचा (Basic Structure) की लक्ष्मण-रेखा (१९७३)

चाहे १००% सांसद सहमत हों, संसद संविधान के "मूल ढाँचे"—लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, संघवाद और न्यायिक समीक्षा—को कभी नष्ट नहीं कर सकती।

सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले

जानना चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट इन अधिकारों की रक्षा कैसे करता है?

सुप्रीम कोर्ट के १६ ऐतिहासिक फैसले पढ़ें और "नागरिक जज मंच" पर स्वयं जज बनकर अपना फैसला सुनाएँ।

सुप्रीम कोर्ट और नागरिक जज मंच देखें →
EN-IN • STUDIO VOICE
Preparing studio neural voice...