आपातकालीन नागरिक हेल्पलाइन

अनुच्छेद 172 Part VI

राज्यों के विधान-मंडलों की अवधि

त्वरित सारांश (TL;DR)
अनुच्छेद 172 (राज्यों के विधान-मंडलों की अवधि): भाग VI के तहत राज्य विधानमंडल (विधानसभा व विधान परिषद) की संरचना, कार्यप्रणाली व कानून निर्माण के नियम।
संविधान के भाग VI के अध्याय III (राज्य का विधान-मंडल) का अनुच्छेद 172 'राज्यों के विधान-मंडलों की अवधि' को नियंत्रित करता है। यह राज्य विधानसभा व विधान परिषद के गठन, विधायकों (MLA/MLC) की योग्यता व अयोग्यता, विधानसभा अध्यक्ष की शक्तियों, राज्य के बजट और विधेयकों को पारित करने तथा उन पर अनुमति (अनुच्छेद 200-201) के नियम तय करता है।
संवैधानिक प्रावधान (अनुच्छेद 172): Part VI के अंतर्गत 'राज्यों के विधान-मंडलों की अवधि' के लिए बाध्यकारी कानूनी नियम तय करता है
इसमें 2 खंड (Clauses) तथा स्पष्ट संवैधानिक शर्तें (Provisos) दी गई हैं
मनमाने प्रशासनिक आदेशों के बजाय संसद की लोकतांत्रिक प्रक्रिया और जवाबदेही को अनिवार्य बनाता है
राज्य विधानमंडल सातवीं अनुसूची की राज्य सूची व समवर्ती सूची के दायरे में ही कानून बना सकते हैं और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं कर सकते।
यह आपके द्वारा चुने गए विधायकों (MLA) के माध्यम से राज्य स्तर पर पारदर्शी कानून निर्माण और राज्य के बजट पर जनता का नियंत्रण सुनिश्चित करता है।
और गहराई से पढ़ना चाहते हैं? आधिकारिक राजपत्रित मूल पाठ या सुप्रीम कोर्ट निर्णय व संविधान सभा बहस देखें:
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