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🇮🇳 भारत का सर्वोच्च विधान • 26 जनवरी 1950 को लागू

भारत का संपूर्ण संविधान: डिजिटल नागरिक महाग्रंथ

विश्व के सबसे विस्तृत लिखित संविधान के 395 अनुच्छेदों, 25 भागों और 12 अनुसूचियों का अध्ययन करें सरल नागरिक भाषा, संविधान सभा के ऐतिहासिक विमर्श और सर्वोच्च अदालत के फैसलों के साथ।

395+
अनुच्छेद (Articles)
25
भाग (Thematic Parts)
12
अनुसूचियां (Schedules)
106
संशोधन (Amendments)
📜 उद्देशिका “हम, भारत के लोग, भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व-सम्पन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए...”
“हम, भारत के लोग, भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व-सम्पन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय; विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता; प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर, 1949 ईस्वी को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।”
Page 1 • सरल नागरिक भाषा में
अनुच्छेद 264
Part XII

निर्वचन (भाग 12 वित्त संबंधी परिभाषा)

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 264 'निर्वचन (भाग 12 वित्त संबंधी परिभाषा)' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 265
Part XII

विधि के प्राधिकार के बिना करों (Taxes) का अधिरोपण न किया जाना

अनुच्छेद 265 केवल एक पंक्ति में नागरिकों की जेब और कमाई की सबसे बड़ी रक्षा करता है: 'विधि के प्राधिकार के बिना न तो कोई कर उद्गृहीत (Levied) किया जाएगा और न ही संग्रहीत (Collected) किया जाएगा।' यहां 'विधि' का अर्थ संसद या राज्य विधानसभा द्वारा पारित कानून है—केवल किसी अफसर का आदेश, विभागीय सर्कुलर या नगर निगम का मनमाना नोटिस नहीं। यदि कोई सरकारी विभाग, टोल एजेंसी, पंचायत या अधिकारी ऐसा कोई टैक्स, सेस (Cess), शुल्क या चालान वसूलता है जिसके पीछे कोई वैध कानून नहीं है, तो वह वसूली अनुच्छेद 265 के तहत पूरी तरह असंवैधानिक है और नागरिक को वह पैसा ब्याज सहित वापस पाने (Refund) का अधिकार है।

अनुच्छेद 266
Part XII

भारत और राज्यों की संचित निधियां (Consolidated Funds) और लोक लेखे

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 266 'भारत और राज्यों की संचित निधियां (Consolidated Funds) और लोक लेखे' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 267
Part XII

आकस्मिकता निधि (Contingency Fund)

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 267 'आकस्मिकता निधि (Contingency Fund)' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 268
Part XII

संघ द्वारा उद्गृहीत किए जाने वाले किंतु राज्यों द्वारा संगृहीत और विनियोजित किए जाने वाले शुल्क

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 268 'संघ द्वारा उद्गृहीत किए जाने वाले किंतु राज्यों द्वारा संगृहीत और विनियोजित किए जाने वाले शुल्क' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 268A
Part XII

संघ द्वारा उद्गृहीत सेवा कर (101वें संशोधन द्वारा निरसित)

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 268A 'संघ द्वारा उद्गृहीत सेवा कर (101वें संशोधन द्वारा निरसित)' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 269
Part XII

संघ द्वारा उद्गृहीत और संगृहीत किंतु राज्यों को सौंपे जाने वाले कर

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 269 'संघ द्वारा उद्गृहीत और संगृहीत किंतु राज्यों को सौंपे जाने वाले कर' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 269A
Part XII

अंतरराज्यिक व्यापार या वाणिज्य के अनुक्रम में माल और सेवा कर (IGST) का उद्ग्रहण और संग्रहण

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 269A 'अंतरराज्यिक व्यापार या वाणिज्य के अनुक्रम में माल और सेवा कर (IGST) का उद्ग्रहण और संग्रहण' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 270
Part XII

उद्गृहीत कर और उनका संघ तथा राज्यों के बीच वितरण

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 270 'उद्गृहीत कर और उनका संघ तथा राज्यों के बीच वितरण' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 271
Part XII

कुछ शुल्कों और करों पर संघ के प्रयोजनों के लिए अधिभार (Surcharge)

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 271 'कुछ शुल्कों और करों पर संघ के प्रयोजनों के लिए अधिभार (Surcharge)' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 273
Part XII

जूट पर और जूट उत्पादों पर निर्यात शुल्क के स्थान पर अनुदान

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 273 'जूट पर और जूट उत्पादों पर निर्यात शुल्क के स्थान पर अनुदान' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 274
Part XII

ऐसे कराधान पर जिसमें राज्य हितबद्ध हैं, प्रभाव डालने वाले विधेयकों के लिए राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश की अपेक्षा

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 274 'ऐसे कराधान पर जिसमें राज्य हितबद्ध हैं, प्रभाव डालने वाले विधेयकों के लिए राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश की अपेक्षा' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 275
Part XII

कुछ राज्यों को संघ से अनुदान

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 275 'कुछ राज्यों को संघ से अनुदान' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 276
Part XII

वृत्तियों, व्यापारों, आजीविकाओं और नियोजनों पर कर (Professional Tax)

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 276 'वृत्तियों, व्यापारों, आजीविकाओं और नियोजनों पर कर (Professional Tax)' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 277
Part XII

व्यावृत्ति (Savings)

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 277 'व्यावृत्ति (Savings)' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 279
Part XII

"शुद्ध आगम" (Net Proceeds) आदि की गणना

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 279 '"शुद्ध आगम" (Net Proceeds) आदि की गणना' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 280
Part XII

वित्त आयोग (Finance Commission)

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 280 'वित्त आयोग (Finance Commission)' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 281
Part XII

वित्त आयोग की सिफारिशें

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 281 'वित्त आयोग की सिफारिशें' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 282
Part XII

संघ या राज्य द्वारा अपने राजस्व से किए जाने वाले व्यय

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 282 'संघ या राज्य द्वारा अपने राजस्व से किए जाने वाले व्यय' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 283
Part XII

संचित निधियों, आकस्मिकता निधियों और लोक लेखाओं में जमा धनराशियों की अभिरक्षा आदि

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 283 'संचित निधियों, आकस्मिकता निधियों और लोक लेखाओं में जमा धनराशियों की अभिरक्षा आदि' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 284
Part XII

लोक सेवकों और न्यायालयों द्वारा प्राप्त वादकर्ताओं की जमा राशियों और अन्य धनराशियों की अभिरक्षा

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 284 'लोक सेवकों और न्यायालयों द्वारा प्राप्त वादकर्ताओं की जमा राशियों और अन्य धनराशियों की अभिरक्षा' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 285
Part XII

संघ की संपत्ति को राज्य के कराधान से छूट

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 285 'संघ की संपत्ति को राज्य के कराधान से छूट' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 286
Part XII

माल के क्रय या विक्रय पर कर के अधिरोपण के बारे में निर्बंधन

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 286 'माल के क्रय या विक्रय पर कर के अधिरोपण के बारे में निर्बंधन' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 287
Part XII

विद्युत् पर करों से छूट

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 287 'विद्युत् पर करों से छूट' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 288
Part XII

जल या विद्युत् के संबंध में कुछ दशाओं में राज्यों द्वारा कराधान से छूट

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 288 'जल या विद्युत् के संबंध में कुछ दशाओं में राज्यों द्वारा कराधान से छूट' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 289
Part XII

राज्यों की संपत्ति और आय को संघ के कराधान से छूट

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 289 'राज्यों की संपत्ति और आय को संघ के कराधान से छूट' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 290
Part XII

कुछ व्ययों और पेंशनों के संबंध में समायोजन

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 290 'कुछ व्ययों और पेंशनों के संबंध में समायोजन' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 290A
Part XII

कुछ देवस्वम् निधियों को वार्षिक संदाय

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 290A 'कुछ देवस्वम् निधियों को वार्षिक संदाय' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 292
Part XII

भारत सरकार द्वारा उधार लेना

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 292 'भारत सरकार द्वारा उधार लेना' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 293
Part XII

राज्यों द्वारा उधार लेना

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 293 'राज्यों द्वारा उधार लेना' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 294
Part XII

कुछ दशाओं में संपत्ति, आस्तियों, अधिकारों, दायित्वों और बाध्यताओं का उत्तराधिकार

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 294 'कुछ दशाओं में संपत्ति, आस्तियों, अधिकारों, दायित्वों और बाध्यताओं का उत्तराधिकार' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 295
Part XII

अन्य दशाओं में संपत्ति, आस्तियों, अधिकारों, दायित्वों और बाध्यताओं का उत्तराधिकार

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 295 'अन्य दशाओं में संपत्ति, आस्तियों, अधिकारों, दायित्वों और बाध्यताओं का उत्तराधिकार' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 296
Part XII

राजगामी, व्यपगत या स्वामीहीन होने से प्रोद्भूत संपत्ति

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 296 'राजगामी, व्यपगत या स्वामीहीन होने से प्रोद्भूत संपत्ति' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 297
Part XII

राज्यक्षेत्रीय सागर-खंड या महाद्वीपीय मग्नतट भूमि में स्थित मूल्यवान चीजों और अनन्य आर्थिक क्षेत्र के संपत्ति स्रोतों का संघ में निहित होना

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 297 'राज्यक्षेत्रीय सागर-खंड या महाद्वीपीय मग्नतट भूमि में स्थित मूल्यवान चीजों और अनन्य आर्थिक क्षेत्र के संपत्ति स्रोतों का संघ में निहित होना' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 298
Part XII

व्यापार करने आदि की सरकार की शक्ति

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 298 'व्यापार करने आदि की सरकार की शक्ति' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 299
Part XII

सरकारी संविदाएं (Contracts)

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 299 'सरकारी संविदाएं (Contracts)' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 300
Part XII

वाद और कार्यवाहियां (Suits and Proceedings)

संविधान के भाग XII (वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद) का अनुच्छेद 300 'वाद और कार्यवाहियां (Suits and Proceedings)' का प्रावधान करता है। यह बिना कानून के टैक्स न लगाने (265), भारत व राज्यों की संचित निधि एवं आकस्मिकता निधि (266-267), केंद्र और राज्यों के बीच करों के बंटवारे, वित्त आयोग (280), सरकारी संविदाओं, सरकार पर मुकदमा दायर करने के नागरिक अधिकार (300) और संपत्ति के संवैधानिक अधिकार (300A) को नियंत्रित करता है।

अनुच्छेद 300A
Part XII

विधि के प्राधिकार के बिना व्यक्तियों को संपत्ति से वंचित न किया जाना (संपत्ति का संवैधानिक अधिकार)

44वें संविधान संशोधन अधिनियम (1978) द्वारा संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकारों (अनुच्छेद 19(1)(f) व 31) की सूची से हटाकर अनुच्छेद 300A के तहत एक मजबूत 'संवैधानिक अधिकार' बनाया गया। सुप्रीम कोर्ट ने 'विद्या देवी (2020)' और 'कोलकाता नगर निगम बनाम बिमल कुमार शाह (2024)' में स्पष्ट किया है कि संपत्ति का अधिकार एक अमूल्य मानवाधिकार (Human Right) भी है। अनुच्छेद 300A में 'संपत्ति' का अर्थ केवल जमीन, मकान या दुकान ही नहीं है, बल्कि इसमें आपकी गाड़ी/बाइक, बैंक जमा राशि और कर्मचारियों की पेंशन व ग्रेच्युटी भी शामिल है (जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव केस, 2013)। नवंबर 2024 के ऐतिहासिक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने 'बुलडोजर जस्टिस' पर पूर्ण प्रतिबंध लगाते हुए कहा कि किसी व्यक्ति के मात्र आरोपी होने पर बिना कानूनी प्रक्रिया और नोटिस के उसका घर गिराना अनुच्छेद 21 और अनुच्छेद 300A का घोर उल्लंघन है।

Part XII (38 अनुच्छेदs)
सार्वजनिक डोमेन (Public Domain) एवं वैधानिक प्रामाणिकता सूचना

भारतीय प्रतिलिप्यधिकार अधिनियम (Copyright Act), 1957 की धारा 52(1)(q) के अंतर्गत भारत का संविधान, संसदीय अधिनियम, राजपत्र अधिसूचनाएं तथा उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों के निर्णय सार्वजनिक डोमेन (Public Domain) में हैं। यह पाठ विधायी विभाग, विधि और न्याय मंत्रालय, भारत सरकार (India Code) के आधिकारिक अभिलेखों पर आधारित है।

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